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एक व्यक्ति ने भगवान से पूछा, तुझे कैसे रिझाऊं मैं। कोई वस्तु नहीं ऐसी जिसे तुझ पर चढाऊं मैं, "भगवान ने उत्तर दिया" संसार की हर वस्तु तुझे मैनें ही दी है। तेरे पास अपना सिर्फ तेरा "अहंकार" है,जो मैनें नहीं दिया। उसी को तु मुझे "अर्पण" कर दे,"तेरा जीवन सफल हो जाएगा"
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अच्छे लोगों की परीक्षा न लीजिए, वे पारे की तरह होते हैं कोई उन पर चोट करता है तो वे टूटते नहीं, फिसल कर चुपचाप आपकी जिन्दगी से निकल जाते हैं
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गलती करना सफलता का पहला कदम नहीं है बल्कि की गई गलती को सुधारना सफलता का पहला कदम है।
दौलत और अमीरी इंसान को थोडे़ वक्त के लिए बड़ा बनाती है, लेकिन इंसानियत और अच्छे विचार इंसान को हमेशा बुलंद रखते हैं।