कला का योगी और योग का कलाकार: स्वामी महेश योगी
तकरीबन 25 वर्ष का एक युवा चित्रकार जिनके द्वारा बनाए गए चित्रों को देखकर भारत रत्न डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम भाव विह्वल हो उठे, भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर मंत्रमुग्ध हो गई और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी के मुंह से बरबस निकल पड़ा वाह ।एक 25 वर्ष का...नगाड़ा सम्राट : नरेंद्र सिंह कुशवाहा
यह अद्भुत संयोग ही है कि विश्व प्रसिद्ध ग्रंथों के रचनाकार महाकवि कालिदास जी की रचना मेघदूत (sage Kalidas authored Meghdoot) में नगाड़ा का उल्लेख किया गया है। महाकवि कालिदास जी की साधना स्थली रही उसी पावन नगरी उज्जैन के श्री नरेंद्र सिंह कुशवाहा जी (Mr. Narendra...कहानियों के सितारे: श्री किशोर तारे
बयासी साल की उम्र में जोश एवं पूरी सक्रियता के साथ यदि आपको स्कूल अथवा कालेजों में मेधावी छात्रों को उत्कृष्ट कार्य करने पर मैडल पहनते हुए कोई व्यक्ति मिल जाएं तो समझिए कि वो श्री किशोर तारे जी (Mr. Kishor Tare) है। किसी स्कूल या कॉलेज के वार्षिकोत्सव पर यह दृश्य...वीडियो गैलरी
[embedyt] https://www.youtube.com/embed?listType=playlist&list=UU73W8OjSni7_JF5D8b_KGRA&layout=gallery[/embedyt]लावारिस लाशों के मसीहा : पद्मश्री मोहम्मद शरीफ जी
जनवरी की हाड़ कंपाने वाली ठंड में आमजन घर से निकलने में भी मुश्किलात का सामना करते हैं तथा ठंड से बचने के लिए जितने भी गर्म कपड़े पहन सकते है वे पहन के ही निकलते है परन्तु ऐसी स्थिति में भी प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में एक 80 साल के बूढ़े व्यक्ति, फटे-पुराने कपड़े...चक्रासन दौड़ की उड़नपरी : तनुश्री पिथोरोडी
चक्रासन योग का एक कठिन आसन माना जाता है, अतः यदि चक्रासन मुद्रा में योग करना हो तो यह सामान्य व्यक्ति के लिए सरल नहीं होता है एवं यदि बात चक्रासन मुद्रा में दौड़ लगाने की की जाए तो अचंभित हुए बिना नहीं रहा जा सकता। इस पर भी जब यह पता चलता है कि इस कठिन कारनामे को करने...दुनिया के बेमिसाल नेल आर्टिस्ट : वाजिद अली खान
लोहे की कीलों का क्या उपयोग होता है ? जवाब आसान है कीलों को दीवार पर लगाया जाता है। परन्तु कीलों को भी क्या कलात्मक रूप में प्रयोग करके असाधारण कलाकृति बनाई जा सकती है तो इसका “हां” में उत्तर देते है मध्यप्रदेश में जन्मे 40 वर्षीय जनाब मोहम्मद वाजिद अली...हमारी उपलब्धियों में दूसरों का भी योगदान होता है क्योंकि समन्दर में भले ही पानी अपार है पर सच तो यही है कि वो नदियों का उधार होता है।
हमारी उपलब्धियों में दूसरों का भी योगदान होता है क्योंकि समन्दर में भले ही पानी अपार है पर सच तो यही है कि वो नदियों का उधार होता है।