ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ इंसान भी बहुत कमाल करता है, किसी को पसंद करें तो बुराई नहीं देखता, और जिससे से नफ़रत करे तो उसकी अच्छाई नहीं देखता।

ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ इंसान भी बहुत कमाल करता है, किसी को पसंद करें तो बुराई नहीं देखता, और जिससे से नफ़रत करे तो उसकी अच्छाई नहीं देखता।

ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ इंसान भी बहुत कमाल करता है, किसी को पसंद करें तो बुराई नहीं देखता, और जिससे से नफ़रत करे तो उसकी अच्छाई नहीं देखता।

ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ इंसान भी बहुत कमाल करता है, किसी को पसंद करें तो बुराई नहीं देखता, और जिससे से नफ़रत करे तो उसकी अच्छाई नहीं देखता।

गलत व गलती मे बहुत छोटा फर्क होता है! गलत सदा गलत नीयत से ही संभव होता है जबकि, गलती सदा भूल वश होती है! इसलिये गलतियाँ तो कीजिए, पर गलत किसी के साथ मत कीजिये !

गलत व गलती मे बहुत छोटा फर्क होता है! गलत सदा गलत नीयत से ही संभव होता है जबकि, गलती सदा भूल वश होती है! इसलिये गलतियाँ तो कीजिए, पर गलत किसी के साथ मत कीजिये !

ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ इंसान भी बहुत कमाल करता है, किसी को पसंद करें तो बुराई नहीं देखता, और जिससे से नफ़रत करे तो उसकी अच्छाई नहीं देखता।

पुण्य किसी को दगा नहीं देता और पाप किसी का सगा नहीं होता जो कर्म को समझता है उसे धर्म को समझने की जरूरत ही नहीं संपत्ति के उत्तराधिकारी कोई भी या एक से ज्यादा हो सकते है लेकिन कर्मों के उत्तराधिकारी केवल हम स्वयं ही होते है l

पुण्य किसी को दगा नहीं देता और पाप किसी का सगा नहीं होता जो कर्म को समझता है उसे धर्म को समझने की जरूरत ही नहीं संपत्ति के उत्तराधिकारी कोई भी या एक से ज्यादा हो सकते है लेकिन कर्मों के उत्तराधिकारी केवल हम स्वयं ही होते है l

ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ इंसान भी बहुत कमाल करता है, किसी को पसंद करें तो बुराई नहीं देखता, और जिससे से नफ़रत करे तो उसकी अच्छाई नहीं देखता।

शब्दों का वजन तो बोलने वाले के भाव पर आधारित है। एक शब्द मन को दुःखी कर जाता है, और दूसरा शब्द मन को खुश कर जाता है, क्योंकि हमारी वाणी ही हमारे व्यक्तित्व और आचरण का परिचय कराती है।

शब्दों का वजन तो बोलने वाले के भाव पर आधारित है। एक शब्द मन को दुःखी कर जाता है, और दूसरा शब्द मन को खुश कर जाता है, क्योंकि हमारी वाणी ही हमारे व्यक्तित्व और आचरण का परिचय कराती है।

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘ई संस्कार वाटिका’ विश्व रिकॉर्ड में दर्ज

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अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन (Akhil Bharatvarshiy Maheshwari Mahila Sanghathan) के द्वारा दिनांक 6 – 20 मई तक आयोजित किए गए कार्यक्रम ‘ई संस्कार वाटिका’ का आयोजन किया गया जिसमें 17 देशों से 31174 बच्चों का रजिस्ट्रेशन हुआ। विभिन्न भारतीय...
एक छोटा सा विद्वान : मास्टर विवान

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स्कूल जाने से पूर्व एक नही, दो नही, अपितु पाँच बार वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना किसी करिश्माई बच्चे के लिए ही सम्भव है। वाशिम निवासी डॉक्टर दंपत्ति डॉ पराग सरनाईक जी एवं डॉ योगिता सरनाईक जी का अद्भुत प्रतिभा सम्पन्न बेटा मास्टर विवान (Vivan Sarnaik) एक...
समरस भाव का नायाब योग साधक: जयपाल प्रजापति

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बेहद गरीबी से बीत रहे बचपन में अंधेरे ने तब और अपना साम्राज्य स्थापित करने की पुरजोर कोशिश की जब किशोरावस्था में ही पिता श्री ब्रह्मदत्त प्रजापति जी का अकस्मात देहावसान हो गया तब बेटे जयपाल की ज़िम्मेदारी माँ संतोषी देवी जी के अकेले जिम्मे आ गई। घर की आर्थिक स्थिति...
योग की कठिन नौली क्रिया को आसानी से करने वाला युवा : हर्षित मानव

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योग में तो एक से बढ़कर एक अभ्यास एवं क्रियाएं हैं जिन्हें करके शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है, यह जानते हुए भी सभी लोग योग को स्वस्थता की स्थिति में कम ही करते है। हां, जब अस्वस्थ हो जाते हैं तो अवश्य इसकी तरफ आकर्षित होते हैं। वर्तमान दौर का यह सुनहला पक्ष है कि आज का...
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