“छोटा” बनके रहें, मिलेगी हर बड़ी “रहमत” “बड़ा” होने पर तो, “मां” भी “गोद” से उतार देती है।

जरुरत से ज्यादा मिले उसको कहते हैं नसीब भगवान का दिया सब कुछ हैं फिर भी रोता है उसको कहते हैं बदनसीब और जिंदगी में कम पाकर भी हमेशा खुश रहता है उसको कहते हैं खुशनसीब

जरुरत से ज्यादा मिले उसको कहते हैं नसीब भगवान का दिया सब कुछ हैं फिर भी रोता है उसको कहते हैं बदनसीब और जिंदगी में कम पाकर भी हमेशा खुश रहता है उसको कहते हैं खुशनसीब

“छोटा” बनके रहें, मिलेगी हर बड़ी “रहमत” “बड़ा” होने पर तो, “मां” भी “गोद” से उतार देती है।

दुनिया में दो तरह के लोगहोते है, एक वो जो मौका आने पर साथ छोड़ देते है, दूसरे वो जो साथ देने के लिए मौका ढूंढ लेते है।

दुनिया में दो तरह के लोगहोते है, एक वो जो मौका आने पर साथ छोड़ देते है, दूसरे वो जो साथ देने के लिए मौका ढूंढ लेते है।

“छोटा” बनके रहें, मिलेगी हर बड़ी “रहमत” “बड़ा” होने पर तो, “मां” भी “गोद” से उतार देती है।

किसी एक के चले जाने से, सब कुछ कभी खत्म नहीं हो जाता, एक नया सवेरा, आपका इंतजार कर रहा होता है। प्रेम एक ऐसा एहसास है, जो मनुष्य को कभी हारने नहीं देता। “और” नफ़रत एक ऐसा अनुभव है, जो मनुष्य को कभी जीतने नहीं देता. जीवन में निरंतर नेक कार्य करते रहें, कोई आपका सम्मान करे या ना करे, आपकी अंतरात्मा, सदैव आपको सम्मानित करती रहेगी।

किसी एक के चले जाने से, सब कुछ कभी खत्म नहीं हो जाता, एक नया सवेरा, आपका इंतजार कर रहा होता है। प्रेम एक ऐसा एहसास है, जो मनुष्य को कभी हारने नहीं देता। “और” नफ़रत एक ऐसा अनुभव है, जो मनुष्य को कभी जीतने नहीं देता. जीवन में निरंतर नेक कार्य करते रहें, कोई आपका सम्मान करे या ना करे, आपकी अंतरात्मा, सदैव आपको सम्मानित करती रहेगी।

“छोटा” बनके रहें, मिलेगी हर बड़ी “रहमत” “बड़ा” होने पर तो, “मां” भी “गोद” से उतार देती है।

नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते है, सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते है। कश्तियां बदलने की जरूरत नहीं दिशा को बदलो तो किनारे खुद-ब-खुद बदल जाते हैं।

नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते है, सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते है। कश्तियां बदलने की जरूरत नहीं दिशा को बदलो तो किनारे खुद-ब-खुद बदल जाते हैं।

“छोटा” बनके रहें, मिलेगी हर बड़ी “रहमत” “बड़ा” होने पर तो, “मां” भी “गोद” से उतार देती है।

कल्पनाएं मधुर होती हैं पर उनके सहारे जिया नही जा सकता। वास्तविकताएं कड़वी होती हैं पर उनके बिना जिया नही जा सकता।

कल्पनाएं मधुर होती हैं पर उनके सहारे जिया नही जा सकता। वास्तविकताएं कड़वी होती हैं पर उनके बिना जिया नही जा सकता।

“छोटा” बनके रहें, मिलेगी हर बड़ी “रहमत” “बड़ा” होने पर तो, “मां” भी “गोद” से उतार देती है।

सप्ताह के सात वार में आठवा वार “परिवार” और जोड़लो फिर उस आठवे वार को शुभ बनालो, आपके सभी वार शुभ हो जाएंगे, क्यो ज्योतिषियों से पूंछते रहते हो कि मेरे लिये कौन से वार शुभ हैं।

सप्ताह के सात वार में आठवा वार “परिवार” और जोड़लो फिर उस आठवे वार को शुभ बनालो, आपके सभी वार शुभ हो जाएंगे, क्यो ज्योतिषियों से पूंछते रहते हो कि मेरे लिये कौन से वार शुभ हैं।

“छोटा” बनके रहें, मिलेगी हर बड़ी “रहमत” “बड़ा” होने पर तो, “मां” भी “गोद” से उतार देती है।

अच्छी भूमिका अच्छे लक्ष्य और अच्छे विचारों वाले लोगो को, हमेशा याद किया जाता है, मन में भी, शब्दो में भी और जीवन में भी।

अच्छी भूमिका अच्छे लक्ष्य और अच्छे विचारों वाले लोगो को, हमेशा याद किया जाता है, मन में भी, शब्दो में भी और जीवन में भी।

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