प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन...
प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

कर्मों की आवाज़ शब्दों से भी ऊँची होती है I यह आवश्यक नहीं कि हर लड़ाई जीती ही जाए I आवश्यक तो यह है कि हर हार से कुछ सीखा जाए तब तक कमाओ जब तक “महंगी” चीज “सस्ती” ना लगने लगे चाहे वो सामान हो या सम्मान।

कर्मों की आवाज़ शब्दों से भी ऊँची होती है I यह आवश्यक नहीं कि हर लड़ाई जीती ही जाए I आवश्यक तो यह है कि हर हार से कुछ सीखा जाए तब तक कमाओ जब तक “महंगी” चीज “सस्ती” ना लगने लगे चाहे वो सामान हो या...
प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

गलतियाँ कीजिए क्योंकि वो तो सबसे होती हैं, पर कभी किसी के साथ गलत मत कीजिए आत्मविश्वास जीवन का वह अस्त्र है, जो बिना घाव दिए, जीत हासिल करने में सहायता करती है। सुगंध के बिना पुष्प, तृप्ति के बिना प्राप्ति, ध्येय के बिना कर्म व प्रसन्नता के बिना जीवन व्यर्थ है। किसी इंसान का बड़प्पन, उसकी हैसियत नहीं, उसकी इंसानियत तय करती है।

गलतियाँ कीजिए क्योंकि वो तो सबसे होती हैं, पर कभी किसी के साथ गलत मत कीजिए आत्मविश्वास जीवन का वह अस्त्र है, जो बिना घाव दिए, जीत हासिल करने में सहायता करती है। सुगंध के बिना पुष्प, तृप्ति के बिना प्राप्ति, ध्येय के बिना कर्म व प्रसन्नता के बिना जीवन व्यर्थ है। किसी...
प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

जैसे जैसे आपका नाम ऊंचा होता है, वैसे वैसे शांत रहना सीखिए क्योंकि। आवाज हमेशा सिक्के ही करते है, नोटों को कभी बजते नहीं देखा।

जैसे जैसे आपका नाम ऊंचा होता है, वैसे वैसे शांत रहना सीखिए क्योंकि। आवाज हमेशा सिक्के ही करते है, नोटों को कभी बजते नहीं...
प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते है।

शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते...
प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

एक व्यक्ति ने भगवान से पूछा, तुझे कैसे रिझाऊं मैं। कोई वस्तु नहीं ऐसी जिसे तुझ पर चढाऊं मैं, “भगवान ने उत्तर दिया” संसार की हर वस्तु तुझे मैनें ही दी है। तेरे पास अपना सिर्फ तेरा “अहंकार” है,जो मैनें नहीं दिया। उसी को तु मुझे “अर्पण” कर दे,”तेरा जीवन सफल हो जाएगा”

एक व्यक्ति ने भगवान से पूछा, तुझे कैसे रिझाऊं मैं। कोई वस्तु नहीं ऐसी जिसे तुझ पर चढाऊं मैं, “भगवान ने उत्तर दिया” संसार की हर वस्तु तुझे मैनें ही दी है। तेरे पास अपना सिर्फ तेरा “अहंकार” है,जो मैनें नहीं दिया। उसी को तु मुझे...
प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

तमन्नाएं भी उम्र भर कम नहीं होंगी, समस्याएं भी कभी हल नहीं होंगी! फिर भी हम जी रहे हैं वर्षों से इस तमन्ना में, कि मुश्किलें जो आज हैं, शायद कल नहीं होंगी!!

तमन्नाएं भी उम्र भर कम नहीं होंगी, समस्याएं भी कभी हल नहीं होंगी! फिर भी हम जी रहे हैं वर्षों से इस तमन्ना में, कि मुश्किलें जो आज हैं, शायद कल नहीं...
प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

संसार में कोई भी मनुष्य सर्वगुण संपन्न नही होता! इसलिए कुछ कमियों को नजरंदाज करिए और रिश्ते बनाए रखिए!

संसार में कोई भी मनुष्य सर्वगुण संपन्न नही होता! इसलिए कुछ कमियों को नजरंदाज करिए और रिश्ते बनाए...
प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी, बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा, और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा। विचार से चलो तो बहुत दूर , और भाव से चलो तो बहुत पास, नजरो से देखो तो कण कण मे , औरअंतर्मन से देखो तो जन जन में।

जमीन अच्छी हो खाद अच्छा हो परन्तु पानी खारा हो तो फूल खिलते नही, भाव अच्छे हो कर्म भी अच्छे हो मगर वाणी खराब हो तो संबंध कभी टिकते नही !

जमीन अच्छी हो खाद अच्छा हो परन्तु पानी खारा हो तो फूल खिलते नही, भाव अच्छे हो कर्म भी अच्छे हो मगर वाणी खराब हो तो संबंध कभी टिकते नही...
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