इंसानियत की मिसाल: इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह जी

इंसानियत की मिसाल: इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह जी

वर्तमान दौर में निजता की परिधि इतनी संकुचित हो गई है कि उसकी सूनी गुफाओं में मानवता का दम घुटता नजर आता है। समाज के प्रत्येक क्षेत्र में सेवारत व्यक्ति अपने एवं अपनों के मोह से ही नहीं उबर पा रहे हैं ऐसी हालात में सबसे निचले पायदान पर खड़े, लड़खड़ा रहे व्यक्ति तथा...
बेसहारों की सहारा: गुंजन बिष्ट अरोड़ा जी

बेसहारों की सहारा: गुंजन बिष्ट अरोड़ा जी

भारत कृषि प्रधान एवं ग्रामीण प्रधानता वाला देश है। आबादी का एक विशाल हिस्सा अभी भी गाँव में रहता है। यह एक दुर्भाग्य का विषय है कि काफी संख्या में गरीब, बेरोजगार आज भी हमारे देश में हैं और अत्यंत ही खेद का विषय यह है कि देश के हर कोने में भीख मांगने वालों की भी बड़ी...
पत्रकारिता जगत के फकीर सम्राट- पंडित शिवकुमार मिश्र

पत्रकारिता जगत के फकीर सम्राट- पंडित शिवकुमार मिश्र

ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लडी जा रही लड़ाई में अनेक समाचार पत्र एवं पत्रिकाएं ऐसे थे, जिन्हें प्रकाशित करने में पत्रकारों को अपनी घर की संपत्ति भी बेचनी पड़ी थी। पत्रकारिता करने वाले मनीषियों को आर्थिक तंगी का चरम झेलना पड़ता था लेकिन उन्हें इसका कोई ग़म नहीं होता था...
व्यंग्य के वैज्ञानिक: श्री पंकज प्रसून जी

व्यंग्य के वैज्ञानिक: श्री पंकज प्रसून जी

वैज्ञानिक अनुसंधान में जुड़े हुए इस मनीषी द्वारा इतनी खूबसूरती के साथ चुटीली कविताओं का सृजन किया जाता है जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि क्या एक वैज्ञानिक भी इतना अद्भुत सुन्दर साहित्य लिख सकता है जो लोगों के दिलों को तारों को झंकृत कर दे? ऐसे नायाब गुणों के...
इंकलाबी: सूर्यकांत पांडे

इंकलाबी: सूर्यकांत पांडे

“शहीदों की चिताओं पर लगेगें हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा” देश को आजादी काफ़ी त्याग, बलिदान, जद्दोजहद तथा संघर्ष के बाद मिली है यह हम सभी जानते हैं। लाखों-करोड़ों लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। वैचारिक स्तर पर रास्ते एकाधिक...
भीड़ से अलग पहचान बनाने वाले स्वप्नदर्शी: श्री जय कुमार जैन जी

भीड़ से अलग पहचान बनाने वाले स्वप्नदर्शी: श्री जय कुमार जैन जी

हर मनुष्य का अपना एक व्यक्तित्व होता है, और यही मनुष्य की पहचान भी है। कोटि-कोटि मनुष्यों की भीड़ में निराले व्यक्तित्ववाला व्यक्ति अपनी विशिष्टता के कारण पहचान ही लिया जाता है। भीड़ से अलग खुद की पहचान बनाने के लिए कुछ अलग करना पड़ता है, बने बनाए रास्ते पर चलना तो...
सुर सम्राट: सत्यम उपाध्याय

सुर सम्राट: सत्यम उपाध्याय

संगीत में इतनी सामर्थ्य होता है कि मूक प्राणी, पशु, पक्षी तथा यहां तक कि पौधे भी इसके चलते तरंग में आ जाते हैं तथा प्रेम रस में निमग्न हो अंतरगान करने लगते हैं। गीत-संगीत की भाषा एवं बोल चाहे जो भी हो लेकिन उससे हृदय में स्पंदन होने लगता है। आप भाषा या सुर ताल से...
अखबारों से मोह ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी: शर्मिष्ठा चक्रवर्ती

अखबारों से मोह ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी: शर्मिष्ठा चक्रवर्ती

बचपन से ही कुछ अलग करने की चाहत ने कोलकाता, पश्चिम बंगाल (Kolkata, West Bengal) की रहने वाली शर्मिष्ठा चक्रवर्ती जी (Sharmistha Chakraborty) को इस कदर प्रभावित किया कि आपने एक-एक कर अनेक रिकॉर्ड बना डाले। श्री विमल कुमार चक्रवर्ती जी तथा श्रीमती कृष्णा चक्रवर्ती जी की...
बेसहारों की सहारा: गुंजन बिष्ट अरोड़ा जी

पेंटिंग के असली हीरो: निर्भय सिंह राय

मानव का कला से बहुत पुराना नाता है। शायद चित्रकला मानव द्वारा सीखी गई सबसे पुरानी कला है जिसके माध्यम से वह अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त कर सकता है। पाषाण काल में ही मानव ने गुफा चित्रण करना शुरू कर दिया था। होशंगाबाद और भीमबेटका क्षेत्रों की कंदराओं और गुफाओं में मानव...
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