जब हम नादान थे तो जिंदगी के मजे लेते थे, समझदार हुए अब तो ये जिंदगी हमारे मजे ले रही है। by Newspositive ‹ Previous धनवान बनने के लिए एक-एक कण का संग्रह करना पडता है औऱ गुणवान बनने के लिए एक-एक क्षण का सदुपयोग करना पडता है कोशिश धनवान और गुणवान दोनों बनने की करें क्योंकि दोंनो का जीवन मे बहुत महत्व है। Next › जो समय “चिंता” में व्यतीत होता है वह “कूड़ेदान” में जाता है और जो समय “चिंतन” में व्यतीत होता है वह “तिजोरी” में जमा होता है। Related Posts “अज्ञानी होना उतनी शर्म की बात नहीं हैं, जितना की सीखने की इच्छा ना रखना।” सच्चे व्यक्ति का व्यक्तित्व नमक की तरह अनोखा होता है, जिसकी उपस्थिति याद नही रहती, मगर उसकी अनुपस्थिति प्रत्येक चीज को बेस्वाद बना देती है। ये दोस्ती का "बंधन "भी बडा अजीब है, मिल जाए तो बातें लंबी, "बिछड" जाए तो यादें लंबी। जब हम नादान थे तो जिंदगी के मजे लेते थे, समझदार हुए अब तो ये जिंदगी हमारे मजे ले रही है। Facebook Twitter Gmail LinkedIn