एनीमिया स्क्रीनिंग, जिसे CBC या हीमोग्लोबिन टेस्ट भी कहते हैं। यह हीमोग्लोबिन की मात्रा की जानकारी प्राप्त करने के लिए की जाती है। हीमोग्लोबिन की कमी कोई बीमारी नहीं है मगर इसकी कमी से शरीर में कमजोरी आती है। जिसके कारण इसकी जाँच कुछ समय के अंतराल में करा लेना चाहिए। इसी बात ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के जिला गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में एक ही दिन में हजारों की संख्या में महिलाओं की हीमोग्लोबिन की जाँच की गई। जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Golden Book of World Records) में दर्ज किया गया है।
26 जून 2025 को छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिला गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में ‘रक्त शक्ति अभियान (Rakt Shakti Abhiyan)’ के तहत जिले के अलग-अलग जगहों में महिलाओं के लिए एनीमिया स्क्रीनिंग कैम्प का आयोजन किया गया था।जिसमें जिले की 13 से 45 वर्ष आयु वर्ग की 51727 महिलाओं की हीमोग्लोबिन की जाँच कर विश्व कीर्तिमान बनाया गया। जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में “महिलाओं के लिए सबसे बड़ा एनीमिया स्क्रीनिंग कैम्प (Largest Anemia Screening Campaign For Women)” के शीर्षक के साथ जिला प्रशासन के नाम दर्ज किया गया है। इस कैम्प को महिला एवं बाल विभाग और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग के सहयोग से जिला कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मण्डावी जी (Ms. Leena Kamlesh Mandavi, District Collector) द्वारा निर्देशित किया गया है। कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की छत्तीसगढ़ हेड श्रीमती सोनल राजेश शर्मा जी (Ms. Sonal Rajesh Sharma, Chhattisgarh Head, GBWR) मौजूद रहीं एवं रिकॉर्ड की घोषणा की। जिसके पश्चात उन्होंने रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट जिला कलेक्टर को प्रदान किया।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे जी (Ms. Namrata Anand Dongre, Additional Collector), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य जी (Mr. Surendra Prasad Vaidya), संयुक्त कलेक्टर श्री दिलेराम डाहिरे जी ( Mr. Dileram Dahire, Joint Collector), SDM पेन्ड्रा रोड श्रीमती ऋचा चंद्राकर जी (Ms. Richa Chandrakar, SDM Pendra Road) एवं SDM मरवाही प्रफुल्ल रजक जी (Mr. Prafulla Rajak, SDM Marwahi), श्रीमती सीमा डेविड जी (Ms. Seema David), विभिन्न विभागों के जिला, अनुविभाग एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्रीमती मंडावी ने कहा – HB कोई बीमारी नहीं है। इसे खान-पान एवं जागरुकता से दूर किया जा सकता है। जिसके लिए जाँच के आकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है। जिनका हीमोग्लोबिन 7 ग्राम से कम है, उनके लिए एक पृथक योजना बनाई जाएगी। कलेक्टर श्रीमती मंडावी ने बताया यह ‘बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ’ एवं ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ से प्रेरित कार्य है।
Other Links :- Chhattisgarh’s Gaurela-Pendra-Marwahi district created history by testing hemoglobin, recorded in the Golden Book of World Records
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले ने हीमोग्लोबिन जाँच कर रचा इतिहास