यदि इंदौर की पहचान किसी एक व्यंजन से जुड़ी है, तो वह निस्संदेह पोहा है। इंदौर की सुबह की शुरुआत गरमा-गरम पोहा और जलेबी से होती है। शहर की गलियों, चौपालों, चौराहों और प्रसिद्ध खानपान केंद्रों पर पोहा केवल एक नाश्ता नहीं, बल्कि इंदौर की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। हल्के, पौष्टिक और स्वादिष्ट पोहे ने वर्षों से इंदौरवासियों के दिलों में विशेष स्थान बना रखा है।
इसी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष विश्व पोहा दिवस (World Poha Day) मनाया जाता है। यह दिन पोहे की लोकप्रियता, उसकी सांस्कृतिक महत्ता और भारतीय खानपान परंपरा के सम्मान का प्रतीक बन चुका है। वर्ष 2026 का विश्व पोहा दिवस इंदौर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया, जब शहर ने पोहे के प्रति अपने प्रेम को विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराया।
विश्व पोहा दिवस 2026 पर बना ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड:
7 जून 2026 को विश्व पोहा दिवस के अवसर पर फॉर्च्यून पोहा (AWL Agri Business Limited) और रेडियो मिर्ची इंदौर (Radio Mirchi, Indore) के संयुक्त तत्वावधान में इंदौर के द हब (The Hub) में एक भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण था “सबसे अधिक लोगों द्वारा एक साथ पोहा खाने” का विश्व रिकॉर्ड प्रयास।
कार्यक्रम में सैकड़ों लोग एकत्रित हुए और सभी ने एक साथ ‘फॉर्च्यून पोहा’ का स्वाद लेकर इस अनूठे रिकॉर्ड प्रयास में भागीदारी की। उत्साह, उल्लास और इंदौरी संस्कृति से सराबोर इस आयोजन ने देखते ही देखते एक ऐतिहासिक क्षण का रूप ले लिया।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज:
इस रिकॉर्ड प्रयास को Golden Book of World Records (GBWR) द्वारा मान्यता प्रदान की गई। आयोजन स्थल पर GBWR के एशिया प्रमुख डॉ. मनीष विष्णोई (Dr. Manish Vishnoei, Asia head, Golden Book of World Records) ने फॉर्च्यून पोहा एवं रेडियो मिर्ची के प्रतिनिधियों को प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रदान किया। GBWR के अधिकारियों के अनुसार: “‘Most People Eating Poha’ अर्थात सबसे अधिक लोगों द्वारा पोहा खाने का विश्व रिकॉर्ड फॉर्च्यून पोहा द्वारा इंदौर, मध्य प्रदेश में स्थापित किया गया। 7 जून 2026 को विश्व पोहा दिवस के अवसर पर द हब में आयोजित कार्यक्रम में 700 से अधिक लोगों ने पोहा खाकर इस रिकॉर्ड को स्थापित किया।”
यह सम्मान न केवल आयोजकों के लिए, बल्कि पूरे इंदौर शहर के लिए गर्व का विषय बना।
सामुदायिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण:
यह आयोजन केवल एक रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं था। यह इंदौर की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जुड़ाव और खाद्य परंपराओं के उत्सव का प्रतीक बन गया। कार्यक्रम में फॉर्च्यून पोहा की टीम, रेडियो मिर्ची की टीम, विभिन्न क्षेत्रों के नागरिक, युवा, परिवार और खाद्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रेडियो मिर्ची इंदौर ने अपने रेडियो जॉकी (RJs), ऑन-ग्राउंड गतिविधियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लोगों को इस अभियान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल था, जहां लोग फोटो खिंचवा रहे थे, रिकॉर्ड प्रयास का हिस्सा बन रहे थे और विश्व पोहा दिवस का आनंद ले रहे थे।
पोहे के माध्यम से इंदौर की वैश्विक पहचान
इंदौर को लंबे समय से भारत की “पोहा राजधानी” के रूप में जाना जाता है। यहां का विशेष इंदौरी पोहा, जिसमें सेव, अनार के दाने, हरा धनिया और नींबू का स्वाद शामिल होता है, देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। विश्व पोहा दिवस 2026 का यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि इंदौरवासियों का अपने प्रिय व्यंजन के प्रति प्रेम आज भी उतना ही प्रगाढ़ है। यह आयोजन पारंपरिक भारतीय भोजन को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
पूरे इंदौर ने मनाया गौरव का उत्सव
जैसे ही इस विश्व रिकॉर्ड की खबर शहर में फैली, इंदौरवासियों ने इसे गर्व और उत्साह के साथ स्वीकार किया। सोशल मीडिया पर #WorldPohaDay और #FortunePoha जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। लोगों ने आयोजन की तस्वीरें और वीडियो साझा कर इस उपलब्धि का जश्न मनाया।
यह विश्व रिकॉर्ड केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि इंदौर की उस पहचान का सम्मान है जिसने पोहे को एक साधारण नाश्ते से कहीं अधिक बना दिया है। यह उपलब्धि इंदौर की खाद्य संस्कृति, सामुदायिक भावना और अपनी परंपराओं के प्रति प्रेम का जीवंत उदाहरण है। विश्व पोहा दिवस 2026 पर स्थापित यह रिकॉर्ड आने वाले वर्षों तक इंदौर की गौरवगाथा का हिस्सा रहेगा और दुनिया को यह संदेश देता रहेगा कि इंदौर में पोहा केवल भोजन नहीं, बल्कि जीवन का उत्सव है।