श्रावण में लगातार तीन वर्षों तक एक ही शहर में शिव पुराण कथा का आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज; 12 लाख वर्गफीट के पोर्टेबल टेंसाइल शेल्टर ने भी बनाया विश्व रिकॉर्ड
भिलाई, छत्तीसगढ़: पवित्र श्रावण मास में भिलाई शहर आस्था, अध्यात्म और विश्व रिकॉर्ड के अनूठे संगम का साक्षी बना। प्रसिद्ध आध्यात्मिक कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी द्वारा सुनाई गई शिव महापुराण कथा के आयोजन ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (GBWR) में दो विशिष्ट विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराकर भिलाई को एक नई ऐतिहासिक पहचान प्रदान की।
पहला विश्व रिकॉर्ड “Most Consecutive Years Shiv Puran Katha Narrated in the Same Month and Same City by a Kathavachak” अर्थात “एक ही माह और एक ही शहर में एक कथावाचक द्वारा लगातार सर्वाधिक वर्षों तक शिव पुराण कथा का वाचन” के लिए बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति तथा श्री दया सिंह, भिलाई, छत्तीसगढ़ द्वारा संयुक्त रूप से हासिल किया गया।
17 से 23 अगस्त 2026 तक भिलाई में प्रसिद्ध आध्यात्मिक कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने पावन शिव महापुराण कथा का वाचन किया। यह लगातार तीसरा वर्ष था, जब उसी शहर में पवित्र श्रावण मास के दौरान उन्हीं के द्वारा शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया। एक ही कथावाचक द्वारा, एक ही शहर में और एक ही पवित्र माह में लगातार तीन वर्षों तक इस धार्मिक परंपरा को निरंतर बनाए रखना अपने आप में एक विशिष्ट उपलब्धि और रिकॉर्ड बना।
इस भव्य धार्मिक आयोजन में भिलाई सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा स्थल श्रद्धा और भक्ति के विराट केंद्र में परिवर्तित हो गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने शिव महापुराण की पावन कथा का श्रवण किया और धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा सम्मान
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा विधिवत मान्यता प्रदान की गई, जिससे इस आध्यात्मिक आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया हेड डॉ. मनीष विष्णोई विशेष रूप से नई दिल्ली से भिलाई पहुंचे और उन्होंने बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री दया सिंह को आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर स्वयं पंडित प्रदीप मिश्रा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विश्व रिकॉर्ड के सत्यापन, प्रबंधन एवं दस्तावेजीकरण से संबंधित प्रक्रिया में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की रिकॉर्ड मैनेजमेंट जज टीम की सदस्य सुश्री सोनल राजेश शर्मा की महत्वपूर्ण सहभागिता रही।
इस गरिमामय अवसर पर अनेक प्रमुख जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे। इनमें भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. सरोज पांडे, बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, भिलाई महापौर श्री नीरज पाल, दुर्ग महापौर श्रीमती अलका बाघमार, पूर्व विधायक श्री गोपाल अग्रवाल, समाजसेवी श्री गोपाल खंडेलवाल, श्री जी. सुरेश बाबू, श्री रमन साहनी, श्री प्रकाश पारख, श्री संतोष अग्रवाल, श्री रतन अग्रवाल, श्री सुनील गोयल तथा श्री दिलीप अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु शामिल रहे।
उपस्थित अतिथियों ने श्री दया सिंह एवं बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को इतने व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों की सराहना की।
पंडित प्रदीप मिश्रा जी का आध्यात्मिक संदेश
शिव महापुराण कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने भगवान शिव और माता सती के विवाह से जुड़े पावन प्रसंग का वर्णन करते हुए उसमें निहित गहन आध्यात्मिक संदेशों को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा।
दक्ष प्रजापति से संबंधित प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि माता सती ने विरोध के बावजूद भगवान शिव को अपना पति चुना। उन्होंने भगवान शिव के गुणों की परीक्षा से जुड़े उस प्रसंग का भी वर्णन किया, जिसमें सात ब्राह्मणों द्वारा प्रश्न किए गए थे। पंडित मिश्रा जी ने बताया कि शिव महापुराण में वर्णित ये प्रसंग केवल धार्मिक आख्यान नहीं हैं, बल्कि आज के जीवन के लिए भी गहन मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उन्होंने संतोष, आत्मसंयम, सेवा और विनम्रता के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संतोष जीवन की सबसे बड़ी संपत्तियों में से एक है, जबकि क्रोध मनुष्य के जीवन की बड़ी व्याधियों में शामिल है। उन्होंने माता-पिता की सेवा को अत्यंत पवित्र बताते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा स्वयं एक महान तीर्थ के समान है।
पंडित मिश्रा जी ने श्रद्धालुओं को अहंकार से दूर रहने, परिवार में परस्पर सम्मान बनाए रखने तथा सुख-दुःख की प्रत्येक परिस्थिति में अपने जीवनसाथी और परिवार के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिव महापुराण का वास्तविक सार केवल कथा सुनने में नहीं, बल्कि उसके जीवनोपयोगी संदेशों को अपने आचरण में उतारने में है।
दूसरा विश्व रिकॉर्ड: “Largest Portable Tensile Shelter by Capacity”
भव्य शिव महापुराण कथा का आयोजन एक दूसरे विशिष्ट विश्व रिकॉर्ड का भी साक्षी बना। यह रिकॉर्ड “Largest Portable Tensile Shelter by Capacity”, अर्थात “क्षमता के आधार पर सबसे बड़ा पोर्टेबल टेंसाइल शेल्टर”, के रूप में दर्ज किया गया। 17 से 23 अगस्त 2026 के दौरान कथा में शामिल होने वाले विशाल जनसमूह को सुविधा प्रदान करने के लिए लगभग 12,00,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में पोर्टेबल टेंसाइल शेल्टर स्थापित किए गए। इन विशाल अस्थायी संरचनाओं के माध्यम से कथा में सम्मिलित होने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए व्यापक, सुव्यवस्थित और आच्छादित स्थान उपलब्ध कराया गया।
इतने विशाल स्तर पर तैयार की गई यह अस्थायी अधोसंरचना आयोजन की व्यापकता और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को दर्शाती है। इसके लिए की गई विस्तृत व्यवस्थाओं ने न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित की, बल्कि इस भव्य धार्मिक आयोजन के पैमाने को भी एक नया आयाम प्रदान किया।
इस प्रकार भिलाई की शिव महापुराण कथा केवल आध्यात्मिक निरंतरता के लिए ही नहीं, बल्कि इतने बड़े जनसमूह के लिए तैयार की गई विशाल आयोजन व्यवस्था के कारण भी ऐतिहासिक बन गई।
भिलाई के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
इन दोनों विश्व रिकॉर्ड उपलब्धियों ने आस्था, अध्यात्म, सेवा, संगठन और जनसहभागिता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। एक ओर पहला रिकॉर्ड एक ही कथावाचक द्वारा एक ही माह और एक ही शहर में लगातार तीन वर्षों तक शिव पुराण कथा के वाचन की निरंतरता को सम्मानित करता है, वहीं दूसरा रिकॉर्ड इस विशाल धार्मिक आयोजन के लिए तैयार की गई 12 लाख वर्गफीट की पोर्टेबल टेंसाइल शेल्टर व्यवस्था की विराटता को रेखांकित करता है।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा प्रदान की गई यह मान्यता वर्ष 2026 की शिव महापुराण कथा के साथ-साथ भिलाई के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में भी एक स्थायी अध्याय जोड़ती है।
यह उपलब्धि हजारों श्रद्धालुओं की आस्था, बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति और श्री दया सिंह के समर्पित प्रयासों, पंडित प्रदीप मिश्रा जी के आध्यात्मिक योगदान तथा आयोजन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के सामूहिक परिश्रम का गौरवपूर्ण परिणाम है।
भिलाई में आयोजित यह ऐतिहासिक शिव महापुराण कथा अब भक्ति की निरंतरता, विराट जनसहभागिता और सुव्यवस्थित आयोजन क्षमता—इन तीनों के अद्भुत समन्वय के रूप में स्मरण की जाएगी और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज दोनों उपलब्धियां इस ऐतिहासिक आयोजन की विशिष्ट पहचान बनी रहेंगी।
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01. भिलाई की शिवमहापुराण कथा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज
02.भिलाई की शिवमहापुराण कथा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज
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