समय गूंगा नहीं बस मौन है, वक्त पर बताता है किसका कौन है। ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं, परिवार और मित्र जिन्दगी की जड़ हैं, हम फल के बिना अपने आप को चला सकते हैं, पर जड़ के बिना खड़े नहीं हो सकते।

समय गूंगा नहीं बस मौन है, वक्त पर बताता है किसका कौन है। ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं, परिवार और मित्र जिन्दगी की जड़ हैं, हम फल के बिना अपने आप को चला सकते हैं, पर जड़ के बिना खड़े नहीं हो सकते।

समय गूंगा नहीं बस मौन है, वक्त पर बताता है किसका कौन है। ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं, परिवार और मित्र जिन्दगी की जड़ हैं, हम फल के बिना अपने आप को चला सकते हैं, पर जड़ के बिना खड़े नहीं हो सकते।

समय गूंगा नहीं बस मौन है, वक्त पर बताता है किसका कौन है। ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं, परिवार और मित्र जिन्दगी की जड़ हैं, हम फल के बिना अपने आप को चला सकते हैं, पर जड़ के बिना खड़े नहीं हो सकते।

‘ डर’ कहता है,यह असंभव है।  ‘अनुभव’ कहता है,यह जोखिम भरा है। ‘ तर्क ‘ कहता है,यह कठिन है। परंतु,’ साहस ‘ कहता है, एक बार ‘ प्रयास ‘ तो कीजिए। 

‘ डर’ कहता है,यह असंभव है।  ‘अनुभव’ कहता है,यह जोखिम भरा है। ‘ तर्क ‘ कहता है,यह कठिन है। परंतु,’ साहस ‘ कहता है, एक बार ‘ प्रयास ‘ तो कीजिए। 

समय गूंगा नहीं बस मौन है, वक्त पर बताता है किसका कौन है। ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं, परिवार और मित्र जिन्दगी की जड़ हैं, हम फल के बिना अपने आप को चला सकते हैं, पर जड़ के बिना खड़े नहीं हो सकते।

सच्चे व्यक्ति का व्यक्तित्व नमक की तरह अनोखा होता है, जिसकी उपस्थिति याद नही रहती, मगर उसकी अनुपस्थिति प्रत्येक चीज को बेस्वाद बना देती है।

सच्चे व्यक्ति का व्यक्तित्व नमक की तरह अनोखा होता है, जिसकी उपस्थिति याद नही रहती, मगर उसकी अनुपस्थिति प्रत्येक चीज को बेस्वाद बना देती है।

समय गूंगा नहीं बस मौन है, वक्त पर बताता है किसका कौन है। ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं, परिवार और मित्र जिन्दगी की जड़ हैं, हम फल के बिना अपने आप को चला सकते हैं, पर जड़ के बिना खड़े नहीं हो सकते।

किसी एक्सरे में भी नजर नही आते है जो जख्म अपने दे जाते है। लोग कहते है कि आदमी को अमीर होना चाहिए। और हम कहते है कि आदमी में जमीर होना चाहिए। 

किसी एक्सरे में भी नजर नही आते है जो जख्म अपने दे जाते है। लोग कहते है कि आदमी को अमीर होना चाहिए। और हम कहते है कि आदमी में जमीर होना चाहिए। 

समय गूंगा नहीं बस मौन है, वक्त पर बताता है किसका कौन है। ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं, परिवार और मित्र जिन्दगी की जड़ हैं, हम फल के बिना अपने आप को चला सकते हैं, पर जड़ के बिना खड़े नहीं हो सकते।

“मेहनत का फल” और “समस्या का हल” देर से ही सही पर जरूर मिलता है। जो आनंद अपनी छोटी पहचान बनाने मे है, वो किसी बड़े की परछाई बनने मे नही है।

“मेहनत का फल” और “समस्या का हल” देर से ही सही पर जरूर मिलता है। जो आनंद अपनी छोटी पहचान बनाने मे है, वो किसी बड़े की परछाई बनने मे नही है।