वक़्त के भी अजीब किस्से हैं किसी का कटता नहीं, और किसी के पास होता नहीं वक़्त दिखाई नहीं देता है, पर बहुत कुछ दिखा देता है अपनापन तो हर कोई दिखाता है, पर अपना कौन है ये वक़्त दिखाता है।

वक़्त के भी अजीब किस्से हैं किसी का कटता नहीं, और किसी के पास होता नहीं वक़्त दिखाई नहीं देता है, पर बहुत कुछ दिखा देता है अपनापन तो हर कोई दिखाता है, पर अपना कौन है ये वक़्त दिखाता है।

वक़्त के भी अजीब किस्से हैं किसी का कटता नहीं, और किसी के पास होता नहीं वक़्त दिखाई नहीं देता है, पर बहुत कुछ दिखा देता है अपनापन तो हर कोई दिखाता है, पर अपना कौन है ये वक़्त दिखाता है।

वक़्त के भी अजीब किस्से हैं किसी का कटता नहीं, और किसी के पास होता नहीं वक़्त दिखाई नहीं देता है, पर बहुत कुछ दिखा देता है अपनापन तो हर कोई दिखाता है, पर अपना कौन है ये वक़्त दिखाता है।

ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ इंसान भी बहुत कमाल करता है, किसी को पसंद करें तो बुराई नहीं देखता, और जिससे से नफ़रत करे तो उसकी अच्छाई नहीं देखता।

ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ इंसान भी बहुत कमाल करता है, किसी को पसंद करें तो बुराई नहीं देखता, और जिससे से नफ़रत करे तो उसकी अच्छाई नहीं देखता।

वक़्त के भी अजीब किस्से हैं किसी का कटता नहीं, और किसी के पास होता नहीं वक़्त दिखाई नहीं देता है, पर बहुत कुछ दिखा देता है अपनापन तो हर कोई दिखाता है, पर अपना कौन है ये वक़्त दिखाता है।

शब्दों का वजन तो बोलने वाले के भाव पर आधारित है। एक शब्द मन को दुःखी कर जाता है, और दूसरा शब्द मन को खुश कर जाता है, क्योंकि हमारी वाणी ही हमारे व्यक्तित्व और आचरण का परिचय कराती है।

शब्दों का वजन तो बोलने वाले के भाव पर आधारित है। एक शब्द मन को दुःखी कर जाता है, और दूसरा शब्द मन को खुश कर जाता है, क्योंकि हमारी वाणी ही हमारे व्यक्तित्व और आचरण का परिचय कराती है।

वक़्त के भी अजीब किस्से हैं किसी का कटता नहीं, और किसी के पास होता नहीं वक़्त दिखाई नहीं देता है, पर बहुत कुछ दिखा देता है अपनापन तो हर कोई दिखाता है, पर अपना कौन है ये वक़्त दिखाता है।

कुछ नेकियाँ और कुछ अच्छाइयां अपने जीवन में ऐसी भी करनी चाहिए, जिनका ईश्वर के सिवाय कोई और गवाह ना हो। 

कुछ नेकियाँ और कुछ अच्छाइयां अपने जीवन में ऐसी भी करनी चाहिए, जिनका ईश्वर के सिवाय कोई और गवाह ना हो।