शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते है।

शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते है।

शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते...
शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते है।

एक व्यक्ति ने भगवान से पूछा, तुझे कैसे रिझाऊं मैं। कोई वस्तु नहीं ऐसी जिसे तुझ पर चढाऊं मैं, “भगवान ने उत्तर दिया” संसार की हर वस्तु तुझे मैनें ही दी है। तेरे पास अपना सिर्फ तेरा “अहंकार” है,जो मैनें नहीं दिया। उसी को तु मुझे “अर्पण” कर दे,”तेरा जीवन सफल हो जाएगा”

एक व्यक्ति ने भगवान से पूछा, तुझे कैसे रिझाऊं मैं। कोई वस्तु नहीं ऐसी जिसे तुझ पर चढाऊं मैं, “भगवान ने उत्तर दिया” संसार की हर वस्तु तुझे मैनें ही दी है। तेरे पास अपना सिर्फ तेरा “अहंकार” है,जो मैनें नहीं दिया। उसी को तु मुझे...
शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते है।

तमन्नाएं भी उम्र भर कम नहीं होंगी, समस्याएं भी कभी हल नहीं होंगी! फिर भी हम जी रहे हैं वर्षों से इस तमन्ना में, कि मुश्किलें जो आज हैं, शायद कल नहीं होंगी!!

तमन्नाएं भी उम्र भर कम नहीं होंगी, समस्याएं भी कभी हल नहीं होंगी! फिर भी हम जी रहे हैं वर्षों से इस तमन्ना में, कि मुश्किलें जो आज हैं, शायद कल नहीं...
शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते है।

संसार में कोई भी मनुष्य सर्वगुण संपन्न नही होता! इसलिए कुछ कमियों को नजरंदाज करिए और रिश्ते बनाए रखिए!

संसार में कोई भी मनुष्य सर्वगुण संपन्न नही होता! इसलिए कुछ कमियों को नजरंदाज करिए और रिश्ते बनाए...
शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते है।

जमीन अच्छी हो खाद अच्छा हो परन्तु पानी खारा हो तो फूल खिलते नही, भाव अच्छे हो कर्म भी अच्छे हो मगर वाणी खराब हो तो संबंध कभी टिकते नही !

जमीन अच्छी हो खाद अच्छा हो परन्तु पानी खारा हो तो फूल खिलते नही, भाव अच्छे हो कर्म भी अच्छे हो मगर वाणी खराब हो तो संबंध कभी टिकते नही...