जैसे जैसे आपका नाम ऊंचा होता है, वैसे वैसे शांत रहना सीखिए क्योंकि। आवाज हमेशा सिक्के ही करते है, नोटों को कभी बजते नहीं देखा।

जैसे जैसे आपका नाम ऊंचा होता है, वैसे वैसे शांत रहना सीखिए क्योंकि। आवाज हमेशा सिक्के ही करते है, नोटों को कभी बजते नहीं देखा।

जैसे जैसे आपका नाम ऊंचा होता है, वैसे वैसे शांत रहना सीखिए क्योंकि। आवाज हमेशा सिक्के ही करते है, नोटों को कभी बजते नहीं...
जैसे जैसे आपका नाम ऊंचा होता है, वैसे वैसे शांत रहना सीखिए क्योंकि। आवाज हमेशा सिक्के ही करते है, नोटों को कभी बजते नहीं देखा।

शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते है।

शब्दों में धार नही, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते...
जैसे जैसे आपका नाम ऊंचा होता है, वैसे वैसे शांत रहना सीखिए क्योंकि। आवाज हमेशा सिक्के ही करते है, नोटों को कभी बजते नहीं देखा।

एक व्यक्ति ने भगवान से पूछा, तुझे कैसे रिझाऊं मैं। कोई वस्तु नहीं ऐसी जिसे तुझ पर चढाऊं मैं, “भगवान ने उत्तर दिया” संसार की हर वस्तु तुझे मैनें ही दी है। तेरे पास अपना सिर्फ तेरा “अहंकार” है,जो मैनें नहीं दिया। उसी को तु मुझे “अर्पण” कर दे,”तेरा जीवन सफल हो जाएगा”

एक व्यक्ति ने भगवान से पूछा, तुझे कैसे रिझाऊं मैं। कोई वस्तु नहीं ऐसी जिसे तुझ पर चढाऊं मैं, “भगवान ने उत्तर दिया” संसार की हर वस्तु तुझे मैनें ही दी है। तेरे पास अपना सिर्फ तेरा “अहंकार” है,जो मैनें नहीं दिया। उसी को तु मुझे...
जैसे जैसे आपका नाम ऊंचा होता है, वैसे वैसे शांत रहना सीखिए क्योंकि। आवाज हमेशा सिक्के ही करते है, नोटों को कभी बजते नहीं देखा।

तमन्नाएं भी उम्र भर कम नहीं होंगी, समस्याएं भी कभी हल नहीं होंगी! फिर भी हम जी रहे हैं वर्षों से इस तमन्ना में, कि मुश्किलें जो आज हैं, शायद कल नहीं होंगी!!

तमन्नाएं भी उम्र भर कम नहीं होंगी, समस्याएं भी कभी हल नहीं होंगी! फिर भी हम जी रहे हैं वर्षों से इस तमन्ना में, कि मुश्किलें जो आज हैं, शायद कल नहीं...
जैसे जैसे आपका नाम ऊंचा होता है, वैसे वैसे शांत रहना सीखिए क्योंकि। आवाज हमेशा सिक्के ही करते है, नोटों को कभी बजते नहीं देखा।

संसार में कोई भी मनुष्य सर्वगुण संपन्न नही होता! इसलिए कुछ कमियों को नजरंदाज करिए और रिश्ते बनाए रखिए!

संसार में कोई भी मनुष्य सर्वगुण संपन्न नही होता! इसलिए कुछ कमियों को नजरंदाज करिए और रिश्ते बनाए...