छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले ने हीमोग्लोबिन जाँच कर रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले ने हीमोग्लोबिन जाँच कर रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

एनीमिया स्क्रीनिंग, जिसे CBC या हीमोग्लोबिन टेस्ट भी कहते हैं। यह हीमोग्लोबिन की मात्रा की जानकारी प्राप्त करने के लिए की जाती है। हीमोग्लोबिन की कमी कोई बीमारी नहीं है मगर इसकी कमी से शरीर में कमजोरी आती है। जिसके कारण इसकी जाँच कुछ समय के अंतराल में करा लेना चाहिए।...
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 12 घंटे में सबसे ज्यादा सोक पिट बनाकर रचा इतिहास, बनाये दो वर्ल्ड रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 12 घंटे में सबसे ज्यादा सोक पिट बनाकर रचा इतिहास, बनाये दो वर्ल्ड रिकॉर्ड

सोकपिट एक ऐसी भूमि संरचना है, जो वर्षा जल और अपशिष्ट जल को इकट्ठा होने से रोकने के लिए बनाई जाती है। यह भूजल रिचार्ज कर जल संरक्षण में मदद करती है। जल संरक्षण के क्षेत्र में कुछ ऐसा ही कार्य छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला ने भी किया है। कबीरधाम जिले में वर्षा जल संरक्षण के...
पिछ्ले 28 सालों से सुल्तान-ए-इंदौर एकता सेवा समिति कर रही अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार, बनाया विश्व रिकॉर्ड

पिछ्ले 28 सालों से सुल्तान-ए-इंदौर एकता सेवा समिति कर रही अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार, बनाया विश्व रिकॉर्ड

समर्पण और त्याग की भावना के साथ हर सेवा सार्थक होती है और इसी भावना के साथ इंदौर की सुल्तान-ए-इंदौर एकता सेवा समिति (Sultan-E-Indore Ekta Seva Samiti) पिछ्ले 28 सालों से लगातार अज्ञात शवों का विधि पूर्वक अंतिम संस्कार कर रही है। अंतिम संस्कार हिन्दू धर्म के सोलह...
तीन वर्ष की ईशानी ने सुनाया हनुमान चालीसा का पाठ, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

तीन वर्ष की ईशानी ने सुनाया हनुमान चालीसा का पाठ, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

तीन साल की आयु, जब बच्चे सामन्यतः बोलना सीख रहे होते हैं। वहीं इसी आयु की इंदौर की रहने वाली ईशानी खण्डेलवाल (Ishani Khandelwal) ने हनुमान चालीसा का पाठ सुनाकर सारी दुनिया को अचंभित कर दिया। ईशानी की इस उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Golden Book of World...
जिला पंचायत दुर्ग ने सोकपिट बनाने का बनाया विश्व कीर्तिमान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में पायी जगह

जिला पंचायत दुर्ग ने सोकपिट बनाने का बनाया विश्व कीर्तिमान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में पायी जगह

सोकपिट, जिसे सोख्ता गड्ढा भी कहते हैं। यह भूजल रिचार्ज का कार्य करता है। हालहि में छत्तीसगढ़ के जिला पंचायत दुर्ग द्वारा जल संरक्षण के लिए सोकपिट बनाने का एक अनूठा रिकॉर्ड बनाया। जिसके अंतर्गत महज 2 घंटे में दुर्ग जिला पंचायत के 1200 घरों में एक साथ सोकपिट बनाये गये।...