by Mrigendra Raj Pandey
दृष्टि बाधित होने के नाते खेल न सपने वाले, मनोरंजन नहीं कर पाने वाले, छात्रों के लिए ब्रेल लिपि में गेम्स की पुस्तक का प्रकाशन स्वयं के खर्च पर कराकर, देश के लगभग 40 शहरों में घूम घूम कर छात्रों के बीच में उसका निशुल्क वितरण करना ,देश के छात्र-छात्राओं को देश की...
by Mrigendra Raj Pandey
ममत्व के नायाब खजाने से प्रकृति ने मात्र माँ को ही नवाजा है। इस खजाने के अक्षय कोष का अमृत रूपी रसपान करने का सौभाग्य अनेक मनुष्यों को नहीं मिल पाता है। परमपिता परमेश्वर समय-समय पर धरती पर ऐसी देवियों को भेजते रहते है जो अनाथ और बेसहारा लोगों के लिए माँ के आंचल का सुख...
by Mrigendra Raj Pandey
साहित्य एवम् संगीत (litrature & music) दोनों ही लोगों के दिलों को छूने में कारगर होती है। आमजन की पीड़ा को अपनी लेखनी के माध्यम से उतारकर काव्य के रूप में सुनाना हो या प्रकृति के विविध स्वरूपों का वर्णन। लेखन की जादूगरनी की तरह लोगों के दिलों को छू कर श्रोताओं के...
by Mrigendra Raj Pandey
हाथ ही शरीर का ऐसा अंग है जो हर काम को करने में साथ देता है तथा कठिन से कठिन कार्य को भी सरल बना देता है। लेकिन अचानक यदि हाथ ही न रहें तो जीवन कितना कठिन हो जाता है, इसकी कल्पना की जा सकती है। परंतु ऐसे भी व्यक्तित्व हैं जो किसी कमी से हार नहीं मानते तथा हौसलों के...
by Mrigendra Raj Pandey
गरीब बच्चों की पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था कराना ,वृद्ध बेसहारा जनों की देखरेख की जिम्मेदारी उठाना, दृष्टिबाधित जनों की हर तरह से मदद करना, दिव्यांग जनों को विविध प्रकार के उपकरण आज की व्यवस्था कराना, नेत्रदान तथा देहदान के लिए लोगों को जागरूक कराना, मतदान जैसे राष्ट्रीय...