by Mrigendra Raj Pandey
नुसरत अली ,जगजीत सिंह साहब की सुध बुध खो देने वाली गजलें हो अथवा अनेक कठिन से कठिन तालों, जैसे कि झपताल ,दीपचंदी ,दादरा, धमाल ,झुमरा में मंत्रमुग्ध कर देने वाले शास्त्रीय संगीत का गायन हो ।भजन हो या कि मन को आनंदित कर देने वाले फिल्मी तराने या सूफिया अंदाज में कव्वाली...
by Mrigendra Raj Pandey
पीढ़ी दर पीढ़ी मानव सभ्यता का चलते जाना, मनुष्य की सृजनशीलता के कारण ही होता है। इस सृजनहार शक्ति का आधार बिंदु एक स्त्री होती है। इसी प्रकार संपूर्ण प्रकृति की शक्ति का आधार नारी को माना जाना कतई अनुपयुक्त नहीं होगा। संतान को अपने पेट में पालने से लेकर उत्पत्ति तक की...
by Mrigendra Raj Pandey
नई दिल्ली स्थित पुलिस म्यूजियम को देखने के उपरांत, इसके उद्घाटन के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भाव विह्वल हो गए। दरअसल कुछ समय पूर्व भारत सरकार को एक बेहतरीन पुलिस म्यूजियम बनाने का विचार आया। सरकार इसे काफी उच्च स्तरीय गुणवत्ता पूर्ण तरीके से...
by Mrigendra Raj Pandey
छत्तीसगढ़ एक कलाकार जिसके मन में ऐसा जुनून और तड़प कि अपनी उर्वर माटी की प्रतिभा, कला एवं विरासत के लिए ऐसा किया जाए कि सारा जग उसे देखें ।सैन्य अधिकारी पिता श्री लक्ष्मी प्रसाद तिवारी जी से प्रेरित होकर श्री सुनील सुनील तिवारी जी ने अपने पायलट बनने के सपने को...
by Mrigendra Raj Pandey
कमर से नीचे का पूरा हिस्सा दिव्यांग हो जाने के कारण जब स्वयं की रोजमर्रा की सामान्य जिंदगी जीना ही कठिन हो जाए तो ऐसी हालत में पढ़ना लिखना ,वह भी असाधारण रूप में ,इतना ही नहीं अन्य के जीवन को भी पढ़ा लिखा कर संवारने का हुनर और जज्बा हर किसी के बूते में नहीं होता है।...