छत्तीसगढ़ी लोक कला एवं फिल्म जगत का प्रवर्तक: सुनील तिवारी

छत्तीसगढ़ी लोक कला एवं फिल्म जगत का प्रवर्तक: सुनील तिवारी

छत्तीसगढ़ एक कलाकार जिसके मन में ऐसा जुनून और तड़प कि अपनी उर्वर माटी की प्रतिभा, कला एवं विरासत के लिए ऐसा किया जाए कि सारा जग उसे देखें ।सैन्य अधिकारी पिता श्री लक्ष्मी प्रसाद तिवारी जी से प्रेरित होकर श्री सुनील सुनील तिवारी जी ने अपने पायलट बनने के सपने को...
हिम्मते मर्दा: डॉक्टर योगेंद्र प्रताप सिंह

हिम्मते मर्दा: डॉक्टर योगेंद्र प्रताप सिंह

कमर से नीचे का पूरा हिस्सा दिव्यांग हो जाने के कारण जब स्वयं की रोजमर्रा की सामान्य जिंदगी जीना ही कठिन हो जाए तो ऐसी हालत में पढ़ना लिखना ,वह भी असाधारण रूप में ,इतना ही नहीं अन्य के जीवन को भी पढ़ा लिखा कर संवारने का हुनर और जज्बा हर किसी के बूते में नहीं होता है।...
लार्जेस्ट पेंटिंग ऑफ द वर्ल्ड का सर्जक: सिद्धार्थ दयानंद नायक

लार्जेस्ट पेंटिंग ऑफ द वर्ल्ड का सर्जक: सिद्धार्थ दयानंद नायक

गोवा की बेहतरीन इमारतों ,आलीशान भवनों, होटलों, स्कूलों ,कालेजों आदि के खूबसूरत डिजाइनिंग के लिए आर्किटेक्ट जगत का ख्याति प्राप्त नाम है श्री सिद्धार्थ दयानंद नायक (Siddharth Dayanand Nayak) ।गोवा में बने एक से बढ़कर एक लाजवाब भवन आपके शिल्प कौशल का बयान खुद-ब-खुद करते...
उर्दू में गीता का रचनाकार: अनवर जलालपुरी

उर्दू में गीता का रचनाकार: अनवर जलालपुरी

सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के आधार के रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी से श्रीमद्भागवत गीता का स्थान रहा है। इस पर अनेकानेक विद्वानों, मनीषियों, संत जनों, साहित्यकारों द्वारा विविध प्रकार से लिखा जाता रहा है और जनसामान्य को इसके द्वारा दिखाए गए मूल्यों को आत्मसात करने हेतु...
अनोखा ग़ज़लकार: मोहम्मद आरिफ

अनोखा ग़ज़लकार: मोहम्मद आरिफ

केवल 4 मात्रा पर आधारित विश्व की सबसे छोटी गजल लिखना अपने आप में अजूबा होता है लेकिन यह कारनामा कर दिखाया है उज्जैन निवासी मोहम्मद आरिफ खान (Mo. Arif Khan) ने । 9 मई 1970 को भैरव गढ़ उज्जैन में बेहद गरीब परिवार में जन्मे आरिफ जी के जीवन में कठिनाइयों ने अपना गहन जाल...
मालवा की लोक कलाओं की अनुपम सृजनहार: डॉ पल्लवी किशन

मालवा की लोक कलाओं की अनुपम सृजनहार: डॉ पल्लवी किशन

मनुष्य के शरीर में हृदय यानी दिल का बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है जो कि शरीर के लगभग मध्य में स्थित होता है, इसीलिए मध्य में रहने वाले को दिल के करीब होने का दर्जा स्वतः मिल जाता है, चाहे वह व्यक्ति हो, स्थान हो अथवा कला। मध्य प्रदेश के हृदय के रूप में दर्जा प्राप्त...