by Mrigendra Raj Pandey
प्राचीन काल से ही हमारे ऋषि-मुनि एवं विद्वतगण विभिन्न बीमारियों, असाध्य रोगों का इलाज जड़ी-बूटी, पौधों आदि से सफलतापूर्वक किया करते थे। शनै: शनै: विज्ञान की प्रगति के चलते एलोपैथी चिकित्सा पद्धति ने प्रमुखता हासिल कर ली तथा आयुर्वेद एवं होम्योपैथी को इसने पीछे धकेल...
by Mrigendra Raj Pandey
शिक्षा की वर्तमान स्थिति में तेज़ी से सुधार हुआ है , वैज्ञानिक आविष्कार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण, दोनो में जबरदस्त गुणवत्तापरक बदलाव आए हैं। बावजूद इन सबके, भारत देश की एक विशाल जनसंख्या अभी भी अनेक बीमारियों का बेहतरीन चिकित्सकों से इलाज कराने के बजाय झाड़-फूंक आदि से...
by Mrigendra Raj Pandey
लेह से करदूंगाला तक की विश्व की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड जिसकी ऊंचाई 18380 फीट है उस पर यदि स्कूटर चलाना हो तो अतिसावधानी रखनी होगी, क्योंकि तनिक भी नजर चूकी तो दावत देती मौत सामने होती हैं। ऐसे घुमावदार एवं खतरनाक स्थान पर आँखों पर पट्टी बांधकर 39 किलोमीटर तक गीयरलेस...
by Mrigendra Raj Pandey
किसी भी मनुष्य द्वारा हस्ताक्षर करते समय उसका चित्त एवं मनोवृति तथा प्रकृति के बीच एक अलौकिक नाता हो जाता है, भले ही वह अत्यल्प समय के लिए ही होता है, इसीलिए व्यक्ति द्वारा जो हस्ताक्षर किया जाता है उसमें उसके समस्त मनोभाव अंतरित हो जाते हैं। यह बात अलग है कि...
by Newspositive
अभी दो वर्ष भी ठीक से उम्र नहीं हुई कि विविध विषयों के कठिन से कठिन प्रश्नों का पलक झपकते जवाब हाजिर। थोड़ी और आयु हुई तो सार्वजनिक मंचों पर इस अद्भुत प्रतिभा को देख सभी दंग, तीन वर्ष की अल्पायु से ही देश के मूर्धन्य कवियों, शायरों के साथ मंच साझा करते हुए अपनी कविता...
by Mrigendra Raj Pandey
वनस्पति एवं पक्षियों का नाता तो चोली-दामन का होता है, इंदौर, मध्य प्रदेश के निवासी प्रोफेसर अरुण खेर (Arun Kher) ने अपनी कलात्मक साधना से इस रिश्ते को और भी गहरा करने का प्रयास किया है। आज विकास की तेज आंधी का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव जैव विविधता पर पड़ रहा है, पक्षियों...