by Mrigendra Raj Pandey
भारतीय संस्कृति में मानव जीवन जिस धुरी पर टिका है उसके तीन आधार हैं- ज्ञान, धर्म और शांति। ज्ञान, धर्म तथा शांति की स्वामिनी के रूप में स्त्री वाचक शब्द का प्रयोग किया जाना अपने आप में ही स्त्री की श्रेष्ठता को साबित करता है। स्त्री को समृद्धि और संस्कृति की...
by Mrigendra Raj Pandey
भारतीय सांस्कृतिक विरासत इतनी संपन्न रही है कि इसे कभी विश्व गुरु का दर्जा प्राप्त था। एक तरफ धरती पर नाना प्रकार की विसंगतियां विकराल मुंह बाए खड़ी हैं तो दूसरी तरफ सामर्थ्यवानों द्वारा स्वहित की ही कुंडली में मुंह छिपाए रहने से संकट के बादल कम छट पाते हैं। वैश्विक...
by Mrigendra Raj Pandey
अपनी योग्यता, काबिलियत एवं कठिन त्याग के कारण मुकम्मल मुकाम प्राप्त कर लेना, समाज के संभ्रांत व्यक्तित्व में अपना नाम शुमार करवाना, ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीने के समस्त लौकिक संसाधन अर्जित कर लेने वाली एक से बढ़कर एक शख्सियतें भरी पड़ी हैं। सरस्वती एवं लक्ष्मी के अद्भुत...
by निशिकान्त मण्डलोई
टीवी पर आने वाले हास्य व संदेशात्मक धारावाहिक तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Tarak Mehta ka Ulta Chasma) में नजर आने वाले श्री घनश्याम नायक जी यानी नट्टू काका (Mr. Ghanshyam Nayak AKA Mattu Kaka) दर्शकों के बीच नहीं रहे। वे काफी लंबे वक्त से कैसर से पीड़ित थे। वे तारक...
by Newspositive
” जननी जण तो़ भग़त जण़जे, का दातार अने का़ सुर, नहितर रहेजे वांजनी, मां तारु मत गुमाविश नुर. ” इंसान ओर उसकी क़ाबिलियत की परख तभी होती है जब उनकी प्रतिकूल परिस्थितियो से सामना होता है । अपने लक्ष्य तक पहूचने के लिये उसके पास कोई सुगम मार्ग़ नहीं होता ।...
by निशिकान्त मण्डलोई
ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार साहब (Dilip Kumar: the tragedy king) का 7 जुलाई 2021 को 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। इसी के साथ भारतीय सिनेमा (Indian cinema) से अभिनय का नायाब हीरा हमेशा के लिए जुदा हो गया। दिलीप कुमार प्रतिष्ठित फ़िल्म निर्माण संस्था बाम्बे टाकीज (Bombey...