by Mrigendra Raj Pandey
संगीत में इतनी सामर्थ्य होता है कि मूक प्राणी, पशु, पक्षी तथा यहां तक कि पौधे भी इसके चलते तरंग में आ जाते हैं तथा प्रेम रस में निमग्न हो अंतरगान करने लगते हैं। गीत-संगीत की भाषा एवं बोल चाहे जो भी हो लेकिन उससे हृदय में स्पंदन होने लगता है। आप भाषा या सुर ताल से...
by Mrigendra Raj Pandey
बचपन से ही कुछ अलग करने की चाहत ने कोलकाता, पश्चिम बंगाल (Kolkata, West Bengal) की रहने वाली शर्मिष्ठा चक्रवर्ती जी (Sharmistha Chakraborty) को इस कदर प्रभावित किया कि आपने एक-एक कर अनेक रिकॉर्ड बना डाले। श्री विमल कुमार चक्रवर्ती जी तथा श्रीमती कृष्णा चक्रवर्ती जी की...
by Mrigendra Raj Pandey
मानव का कला से बहुत पुराना नाता है। शायद चित्रकला मानव द्वारा सीखी गई सबसे पुरानी कला है जिसके माध्यम से वह अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त कर सकता है। पाषाण काल में ही मानव ने गुफा चित्रण करना शुरू कर दिया था। होशंगाबाद और भीमबेटका क्षेत्रों की कंदराओं और गुफाओं में मानव...
by Mrigendra Raj Pandey
दो वर्ष की जिस छोटी सी आयु में सामान्य तौर पर बच्चे अपने परिवार जनों का ठीक-ठीक से नाम नहीं बता पाते उस आयु में नयागढ़, उड़ीसा के निवासी तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा (Indian Agricultural Research Institute, Pusa) में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर सेवारत डॉ. तापस...
by Mrigendra Raj Pandey
संसार में प्रत्येक जीव अपने मूल स्रोत, शाश्वत चैतन्य स्वरूप से वियोजित होता है। केवल मानव जीवन में यह संभावना होती है कि वह अपने मूल स्रोत को पहचान कर, चैतन्य स्वरूप की ओर लौट कर उसमें एकीकार हो सके। भगवान श्री कृष्ण जिस कर्म फल की बात भगवद गीता में करते हैं, उसी...
by Mrigendra Raj Pandey
योग को वैश्विक स्तर पर घर-घर में पहुंचाने वाले तथा जन-जन के बीच में लोकप्रिय करने वाले परम पूज्य स्वामी रामदेव जी (Swami Ramdev ji) ने जो कार्य किया है वह भारतीय संस्कृति के प्रति अनूठा योगदान है तथा इतिहास के स्वर्णिम अध्याय के रूप में अनंत काल तक दर्ज रहेगा। आज सबसे...