by Mrigendra Raj Pandey
पर्यावरण संरक्षण के लिए अनेक सरकारी योजनाएं एवं विभाग कार्य कर रहे हैं ,फिर भी इसमें अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है ।उज्जैन, मध्य प्रदेश के निवासी श्रीयुत राजीव पाहवा (Rajeev Pahva) जी अपने व्यापार को बंद कर नदी संरक्षण ,पर्यावरण संरक्षण आदि को ही विगत तीन दशकों से...
by Mrigendra Raj Pandey
प्राचीन काल से ही हमारे ऋषि-मुनि एवं विद्वतगण विभिन्न बीमारियों, असाध्य रोगों का इलाज जड़ी-बूटी, पौधों आदि से सफलतापूर्वक किया करते थे। शनै: शनै: विज्ञान की प्रगति के चलते एलोपैथी चिकित्सा पद्धति ने प्रमुखता हासिल कर ली तथा आयुर्वेद एवं होम्योपैथी को इसने पीछे धकेल...
by Mrigendra Raj Pandey
किसी भी मनुष्य द्वारा हस्ताक्षर करते समय उसका चित्त एवं मनोवृति तथा प्रकृति के बीच एक अलौकिक नाता हो जाता है, भले ही वह अत्यल्प समय के लिए ही होता है, इसीलिए व्यक्ति द्वारा जो हस्ताक्षर किया जाता है उसमें उसके समस्त मनोभाव अंतरित हो जाते हैं। यह बात अलग है कि...