by Mrigendra Raj Pandey
किसी भी विषय पर पुख्ता पकड़ बनाना जिस तरह सरल नहीं होता है उसी तरह विषय वस्तु की अभिव्यक्ति अथवा उसका प्रकटीकरण, वह भी सरल, सहज एवं जन-सामान्य के समक्ष समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना भी उतना ही दुष्कर होता है। किसी विषय पर कुछ घंटों नहीं वरन कई-कई घंटों तक विशद रूप...
by Mrigendra Raj Pandey
जब हमारे पास से तेज गति से चलती हुई कार गुजरती है तो एक बार मन में यही ख्याल आता है कि कोई अनुभवी चालक होगा। अधिक दूरी तक जब कहीं जाना होता है तो पुनः किसी अनुभवी चालक को ही याद किया जाता है। किसी दिव्यांग द्वारा दुनिया में सर्वाधिक दूरी तक कार चलाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड...
by Mrigendra Raj Pandey
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ने लोगों की मुश्किलों को कम करने, विविध प्रकार की सहूलियतें मुहैय्या कराकर दुश्वारियों को घटाने में भरपूर मदद की है। नित-नूतन अनुसंधान से वैज्ञानिकगण जीवन को समृद्ध, सरस और सुखी बनाने की दिशा में सतत प्रयासरत हैं। यह सत्य है कि देश की उन्नति...
by Mrigendra Raj Pandey
सामान्य सा व्यक्तित्व, मध्यमवर्गीय परिवार एवं गृहस्थी के मायाजाल वाले परिवेश में रहकर व्यक्ति किसी अन्य के लिए कुछ करना तो दूर स्वाभाविक तौर पर सोचने की स्थिति में भी आमतौर पर नहीं होता है। अमूमन व्यक्ति अपनों से ही नहीं उबर पाता है इसलिए औरों के लिए कुछ नहीं करता है।...
by निशिकान्त मण्डलोई
अमूमन हर घर की रसोई में पहुँच बनाने वाले एमडीएच (MDH spices) मसालों के निर्माता महाशय धर्मपाल गुलाटी जी (Mahashay Dharmpal Gulati) के नाम में ही एमडीएच समाया हुआ था और यही वजह रही कि उनका नाम व काम ही उनका ब्रांड बन गया। जी हाँ, हम यहाँ बात कर रहे हैं महाशय धर्मपाल जी...
by Mrigendra Raj Pandey
सामान्य वातावरण (Environment) में जैसे ही थोड़ा सा जलवायुगत परिवर्तन (Climatic change) होता है तो हम लोग परेशान हो जाते हैं। तापमान अधिक हो जाए तो भी तथा कम हो जाए तब भी। जाड़े के दिनों में तापमान की गिरावट से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। अब यदि कई महीनों तक...