विश्व की सबसे लंबी गेंदे की माला बनाने पर दैनिक भास्कर को मिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान

विश्व की सबसे लंबी गेंदे की माला बनाने पर दैनिक भास्कर को मिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान

दैनिक भास्कर, एक समाचार अखबार की संस्था है, जो भारत के हिन्दी भाषा के प्रमुख अखबारो में से एक है। हालहि में दैनिक भास्कर द्वारा मध्यप्रदेश के सागर कार्यालय में एक पहल की गई, जिसके अंतर्गत 41 साल पुरानी मांग को भारत सरकार द्वारा पूर्ण कराने का प्रयास किया गया। जिसमें...
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में लगाये गये एक लाख से अधिक फलदायक पौधें, बनाया विश्व रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में लगाये गये एक लाख से अधिक फलदायक पौधें, बनाया विश्व रिकॉर्ड

जहाँ पेड़-पौधे पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सहायता करते हैं जंगल तेजी से कम होते जा रहे हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला ने पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देते हुए “एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान” के तहत एक पहल की शुरुआत की। जिसके अंतर्गत जिला प्रशासन के...
एक साल की भावी ने गया सात भाषाओं में गीत, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

एक साल की भावी ने गया सात भाषाओं में गीत, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

सामन्यतः जिस उम्र में बच्चे बोलना सीख रहे होते हैं, उस उम्र में इस बच्ची ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिससे सारा जगत अचम्भित रह गया। हम बात कर रहे हैं भावी अंकित कच्हारा की। भावी ने महज एक वर्ष ग्यारह माह की उम्र में न केवल बोलना बल्कि सात भाषाओं में बोलना सीख लिया है। जिससे...
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले ने हीमोग्लोबिन जाँच कर रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले ने हीमोग्लोबिन जाँच कर रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

एनीमिया स्क्रीनिंग, जिसे CBC या हीमोग्लोबिन टेस्ट भी कहते हैं। यह हीमोग्लोबिन की मात्रा की जानकारी प्राप्त करने के लिए की जाती है। हीमोग्लोबिन की कमी कोई बीमारी नहीं है मगर इसकी कमी से शरीर में कमजोरी आती है। जिसके कारण इसकी जाँच कुछ समय के अंतराल में करा लेना चाहिए।...
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 12 घंटे में सबसे ज्यादा सोक पिट बनाकर रचा इतिहास, बनाये दो वर्ल्ड रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 12 घंटे में सबसे ज्यादा सोक पिट बनाकर रचा इतिहास, बनाये दो वर्ल्ड रिकॉर्ड

सोकपिट एक ऐसी भूमि संरचना है, जो वर्षा जल और अपशिष्ट जल को इकट्ठा होने से रोकने के लिए बनाई जाती है। यह भूजल रिचार्ज कर जल संरक्षण में मदद करती है। जल संरक्षण के क्षेत्र में कुछ ऐसा ही कार्य छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला ने भी किया है। कबीरधाम जिले में वर्षा जल संरक्षण के...
पिछ्ले 28 सालों से सुल्तान-ए-इंदौर एकता सेवा समिति कर रही अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार, बनाया विश्व रिकॉर्ड

पिछ्ले 28 सालों से सुल्तान-ए-इंदौर एकता सेवा समिति कर रही अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार, बनाया विश्व रिकॉर्ड

समर्पण और त्याग की भावना के साथ हर सेवा सार्थक होती है और इसी भावना के साथ इंदौर की सुल्तान-ए-इंदौर एकता सेवा समिति (Sultan-E-Indore Ekta Seva Samiti) पिछ्ले 28 सालों से लगातार अज्ञात शवों का विधि पूर्वक अंतिम संस्कार कर रही है। अंतिम संस्कार हिन्दू धर्म के सोलह...