जैसे उबलते पानी में कभी परछाई नही दिखती ठीक उसी प्रकार परेशान मन से समाधान भी नही दिखते शांत होकर देखिए सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा l

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जैसे उबलते पानी में कभी परछाई नही दिखती ठीक उसी प्रकार परेशान मन से समाधान भी नही दिखते शांत होकर देखिए सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा l

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दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

मेवाड़ विश्वविद्यालय में हुई अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कांफ्रेंस ने बनाया शिक्षा जगत में विश्व रिकॉर्ड

मेवाड़ विश्वविद्यालय में हुई अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कांफ्रेंस ने बनाया शिक्षा जगत में विश्व रिकॉर्ड

मेवाड़ विश्वविद्यालय, चित्तौड़गढ़ (Mewad University, Chittorgarh) द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बहु विषयक ई-कॉन्फ्रेंस (multi disciplinary e conference) का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति माननीय प्रो. डॉ. अशोक कुमार गदिया जी ने किया। यह अंतरराष्ट्रीय...
जैसे उबलते पानी में कभी परछाई नही दिखती ठीक उसी प्रकार परेशान मन से समाधान भी नही दिखते शांत होकर देखिए सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा l

कठिन परिस्थितियों मे संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है, आत्मबल !!

कठिन परिस्थितियों मे संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है, आत्मबल !!

जैसे उबलते पानी में कभी परछाई नही दिखती ठीक उसी प्रकार परेशान मन से समाधान भी नही दिखते शांत होकर देखिए सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा l

“अनुमान” गलत हो सकता है पर, “अनुभव” कभी गलत नहीं होता, क्योंकि “अनुमान” हमारे मन की “कल्पना” है, और “अनुभव” हमारे जीवन की “सीख” है।

“अनुमान” गलत हो सकता है पर, “अनुभव” कभी गलत नहीं होता, क्योंकि “अनुमान” हमारे मन की “कल्पना” है, और “अनुभव” हमारे जीवन की “सीख” है।

जैसे उबलते पानी में कभी परछाई नही दिखती ठीक उसी प्रकार परेशान मन से समाधान भी नही दिखते शांत होकर देखिए सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा l

रिश्ते, दोस्ती और स्नेह हर एक के मुक़द्दर में होते हैं, पर यह रुकते उन्हीं के पास हैं, जहाँ इनकी कदर  होती है। 

रिश्ते, दोस्ती और स्नेह हर एक के मुक़द्दर में होते हैं, पर यह रुकते उन्हीं के पास हैं, जहाँ इनकी कदर  होती है। 

जैसे उबलते पानी में कभी परछाई नही दिखती ठीक उसी प्रकार परेशान मन से समाधान भी नही दिखते शांत होकर देखिए सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा l

“खामोश” चहरे पर हजारो पहरे होते है। हँसती “आँखों” में भी ,”जख्म” गहरे होते है, जिनसे अक्सर “रूठ” जाते है हम, असल में उनसे ही, रिश्ते ज्यादा “गहरे” होते है।

“खामोश” चहरे पर हजारो पहरे होते है। हँसती “आँखों” में भी ,”जख्म” गहरे होते है, जिनसे अक्सर “रूठ” जाते है हम, असल में उनसे ही, रिश्ते ज्यादा “गहरे” होते है।

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