दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

मेवाड़ विश्वविद्यालय में हुई अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कांफ्रेंस ने बनाया शिक्षा जगत में विश्व रिकॉर्ड

मेवाड़ विश्वविद्यालय में हुई अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कांफ्रेंस ने बनाया शिक्षा जगत में विश्व रिकॉर्ड

मेवाड़ विश्वविद्यालय, चित्तौड़गढ़ (Mewad University, Chittorgarh) द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बहु विषयक ई-कॉन्फ्रेंस (multi disciplinary e conference) का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति माननीय प्रो. डॉ. अशोक कुमार गदिया जी ने किया। यह अंतरराष्ट्रीय...
दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

कठिन परिस्थितियों मे संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है, आत्मबल !!

कठिन परिस्थितियों मे संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है, आत्मबल !!

दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

“अनुमान” गलत हो सकता है पर, “अनुभव” कभी गलत नहीं होता, क्योंकि “अनुमान” हमारे मन की “कल्पना” है, और “अनुभव” हमारे जीवन की “सीख” है।

“अनुमान” गलत हो सकता है पर, “अनुभव” कभी गलत नहीं होता, क्योंकि “अनुमान” हमारे मन की “कल्पना” है, और “अनुभव” हमारे जीवन की “सीख” है।

दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

रिश्ते, दोस्ती और स्नेह हर एक के मुक़द्दर में होते हैं, पर यह रुकते उन्हीं के पास हैं, जहाँ इनकी कदर  होती है। 

रिश्ते, दोस्ती और स्नेह हर एक के मुक़द्दर में होते हैं, पर यह रुकते उन्हीं के पास हैं, जहाँ इनकी कदर  होती है। 

दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

“खामोश” चहरे पर हजारो पहरे होते है। हँसती “आँखों” में भी ,”जख्म” गहरे होते है, जिनसे अक्सर “रूठ” जाते है हम, असल में उनसे ही, रिश्ते ज्यादा “गहरे” होते है।

“खामोश” चहरे पर हजारो पहरे होते है। हँसती “आँखों” में भी ,”जख्म” गहरे होते है, जिनसे अक्सर “रूठ” जाते है हम, असल में उनसे ही, रिश्ते ज्यादा “गहरे” होते है।

दुःख और तकलीफ़ “भगवान” की बनाई गई वह प्रयोगशाला है। जहाँ आपकी काबिलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।

”बदलना’ तय है ! हर चीज़ का.इस संसार में! बस कर्म अच्छे करते रहें। किसी का जीवन बदलेगा। किसी का ‘दिल’ बदलेगा, तो किसी के ‘दिन’ भी बदलेंगे!

”बदलना’ तय है ! हर चीज़ का.इस संसार में! बस कर्म अच्छे करते रहें। किसी का जीवन बदलेगा। किसी का ‘दिल’ बदलेगा, तो किसी के ‘दिन’ भी बदलेंगे!

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