by Mrigendra Raj Pandey
“दुनिया की सर्वश्रेष्ठ मां” के अवार्ड का सम्मान एक नवयुवक को दिए जाने की घोषणा हो एवं वह एक ऐसे नवयुवक को जिसकी उम्र महज 30 वर्ष हो तो सुनने पर एकाएक यकीन नहीं होता है! आखिरकार यकीन हो भी कैसे, किसी पुरुष को मम्मी कैसे कहा जाता सकता है? वह भी आधिकारिक तौर...
by Mrigendra Raj Pandey
वैसे तो हर व्यक्ति को पगड़ी बाँधकर आनंद की अनुभूति होती है और इसे बाँधने वाले व्यक्ति को अति सम्मानित नज़रों से देखा जाता है, लेकिन जोधपुर निवासी 27 वर्षीय राहुल भाटी (Rahul Bhati) जी ने दूसरों को पगड़ी यानी साफा बाँधकर अपनी शान ही नही अपितु सम्पूर्ण जोधपुर की शान बढ़ाने...
by Mrigendra Raj Pandey
एक से बढ़कर एक फर्राटा भरने वाली कार हो, समान लादकर चलने वाली विशालकाय ट्रक हो अथवा विविध प्रकार की अन्य सवारी गाड़ियां, कर्नाटक प्रांत के मैसूर की निवासी फौलादी दिलवाली शेरनी रिफा तस्कीन (Rifa Taskeen) ने अलग-अलग 16 प्रकार के वाहनों को मात्र 7 वर्ष की आयु में चलाने...
by Mrigendra Raj Pandey
प्राचीन काल से ही हमारे ऋषि-मुनि एवं विद्वतगण विभिन्न बीमारियों, असाध्य रोगों का इलाज जड़ी-बूटी, पौधों आदि से सफलतापूर्वक किया करते थे। शनै: शनै: विज्ञान की प्रगति के चलते एलोपैथी चिकित्सा पद्धति ने प्रमुखता हासिल कर ली तथा आयुर्वेद एवं होम्योपैथी को इसने पीछे धकेल...
by Mrigendra Raj Pandey
शिक्षा की वर्तमान स्थिति में तेज़ी से सुधार हुआ है , वैज्ञानिक आविष्कार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण, दोनो में जबरदस्त गुणवत्तापरक बदलाव आए हैं। बावजूद इन सबके, भारत देश की एक विशाल जनसंख्या अभी भी अनेक बीमारियों का बेहतरीन चिकित्सकों से इलाज कराने के बजाय झाड़-फूंक आदि से...
by Mrigendra Raj Pandey
लेह से करदूंगाला तक की विश्व की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड जिसकी ऊंचाई 18380 फीट है उस पर यदि स्कूटर चलाना हो तो अतिसावधानी रखनी होगी, क्योंकि तनिक भी नजर चूकी तो दावत देती मौत सामने होती हैं। ऐसे घुमावदार एवं खतरनाक स्थान पर आँखों पर पट्टी बांधकर 39 किलोमीटर तक गीयरलेस...
by Mrigendra Raj Pandey
किसी भी मनुष्य द्वारा हस्ताक्षर करते समय उसका चित्त एवं मनोवृति तथा प्रकृति के बीच एक अलौकिक नाता हो जाता है, भले ही वह अत्यल्प समय के लिए ही होता है, इसीलिए व्यक्ति द्वारा जो हस्ताक्षर किया जाता है उसमें उसके समस्त मनोभाव अंतरित हो जाते हैं। यह बात अलग है कि...
by Mrigendra Raj Pandey
सैलून और हेयर ड्रेसर से अलबत्ता सभी व्यक्तियों का पाला पड़ता है, चाहे स्त्री हो या पुरुष लेकिन इससे जुड़े कार्य करने वालों को प्राचीन काल से ही सेवक का दर्जा दिया जाता था। कमोवेश अभी भी इस नजरिए में अधिक बदलाव नहीं दिखाई देता है। कोई सैलून चलाने वाला या कोई हेयर...
by Newspositive
अभी दो वर्ष भी ठीक से उम्र नहीं हुई कि विविध विषयों के कठिन से कठिन प्रश्नों का पलक झपकते जवाब हाजिर। थोड़ी और आयु हुई तो सार्वजनिक मंचों पर इस अद्भुत प्रतिभा को देख सभी दंग, तीन वर्ष की अल्पायु से ही देश के मूर्धन्य कवियों, शायरों के साथ मंच साझा करते हुए अपनी कविता...