by News Positive Reporter
स्वेच्छा ने उत्कर्ष कला केंद्र सर्व भारतीय संगीत परिषद् से “जूनियर डिप्लोमा इन सिंगिंग” जो की गायन में तीन वर्षो का डिप्लोमा होता हैं उसे महज 8 वर्ष की आयु में पूरा कर अपने नाम एक स्वर्णिम ख़िताब अर्जित किया
by Dr. Ghanshyam Singh Thakur
भगवान महावीर का जन्म ईसा से 599 वर्ष पहले वैशाली गणतंत्र के कुण्डलपुर में इक्ष्वाकु वंश के क्षत्रिय राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के यहाँ चैत्र शुक्ल तेरस में हुआ था। यही वर्द्धमान बाद में इस काल के अंतिम तीर्थंकर महावीर स्वामी बने।
by Dr. Ghanshyam Singh Thakur
भगवान श्री राम के जीवन की प्रमुख घटनाएं भगवान राम बचपन से ही शांत स्वभाव के वीर पुरूष थे। उन्होंने मर्यादाओं को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया था। इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरूषोत्तम राम के नाम से जाना जाता है। उनका राज्य न्यायप्रिय और खुशहाल माना जाता था।
by News Positive Reporter
सदानी दरबार में अभी तक सबसे ज्यादा निःशुल्क उपनयन संस्कार संपन्न कराने पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) में “Most Janeu Rituals Performed in Annual Mass Ceremony” शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया
by News Positive Reporter
आज़ादी के 75 वें वर्ष को चिन्हित करते हुए हरियाणा योग आयोग (Haryana Yog Aayog) द्वारा आज़ादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में “मातृ वंदना-राष्ट्र वंदना अभियान” के अंतर्गत “75 लाख सूर्य नमस्कार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया,
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संगीत प्राचीन काल से ही भारत में काफी लोकप्रिय है, इसे काफी समय से सुना तथा पसंद किया जाता है। इस संगीत का प्रारंभ वैदिक काल से भी पूर्व का है। इस संगीत का मूल स्रोत वेदों को माना जाता है। हिंदु परंपरा मे ऐसी मान्यता है कि ब्रह्मा ने नारद मुनि को संगीत वरदान में दिया...
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– विश्व में बसना ने एक बार फिर फहराया परचम कलश यात्रा में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में बने दो रिकॉर्ड। – 25 हजार से ज्यादा महिलाएं सिर में कलश लेकर यात्रा करने एवं एक ही रंग परिधान रहने का बने दो विश्व रिकॉर्ड। महासमुंद। छत्तीसगढ़ के एक कलश यात्रा ने...
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पुरातन काल से ही ईश्वर को प्रसन्न करने के कई अनुष्ठान व पाठ चले आ रहे हैं उन्हीं में से एक है हनुमान चालीसा। हिन्दू धर्म में हनुमान चालीसा का महत्व बहुत अधिक हैं। हनुमान चालीसा एक बेहद सहज और सरल बजरंगबली की आराधना में की गई एक काव्यात्मक 40 छंदों वाली रचना है। ऐसा...