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योग्यताएँ कर्म से पैदा होती हैं जन्म से हर व्यक्ति शून्य होता है जब इंसान करवट लेता है। तो दिशा बदल जाती है, और जब वक्त करवट लेता है तो दशा बदल जाती है l
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नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते है, सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते है। कश्तियां बदलने की जरूरत नहीं दिशा को बदलो तो किनारे खुद-ब-खुद बदल जाते हैं।
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नमक जैसा बनाइये अपना "व्यक्तित्व" आपकी उपस्थिति का भले ही पता न चले पर अनुपस्थिति का अहसास अवश्य होना चाहिये।
“दुनिया की लगभग हर चीज सिर्फ ठोकर लगने से ही टूट जाती है, सिर्फ एक कामयाबी ही है, जो ठोकर खाने के बाद ही मिलती है।”