दिल्ली में महिलाओं के संघठन ने ऑनलाइन वर्कशॉप कर बनाया विश्व कीर्तिमान

दिल्ली में महिलाओं के संघठन ने ऑनलाइन वर्कशॉप कर बनाया विश्व कीर्तिमान

6 जून 2020 का दिन दिल्ली प्रादेशिक माहेश्वरी महिला संगठन (Delhi Pradeshik Maheshwari Mahila Sanghthan) के लिए अत्यंत ही खुशी का पैग़ाम लेकर आया क्योंकि कोरोना के दौरान महिलाओं का हौसला बढ़ाने एवं उनके कौशल विकास के लिए चलाई गई दो महीनों की ऑनलाइन वर्कशॉप, गोल्डन बुक...
विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने को समर्पित: इंजीनियर स्वप्निल कुमार शर्मा

विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने को समर्पित: इंजीनियर स्वप्निल कुमार शर्मा

अत्यंत प्रतिष्ठित संस्थानों से बीटेक एवं एमटेक की पढ़ाई करके, बेहतरीन पदों पर कार्य करते हुए एवं अतिव्यस्त रहने के बावजूद प्रतिपल विज्ञान के नूतन आविष्कारों के बारे में सोचते रहना, कैसे नए-नए वैज्ञानिक आविष्कार आमजन तक पहुंचे इसी में विचार मग्न रहना, तीर्थराज...
असाधारण योग साधक: श्री वीरेंद्र विक्रम सिंह

असाधारण योग साधक: श्री वीरेंद्र विक्रम सिंह

उत्तर प्रदेश का एक जिला, बलरामपुर अभी भी विकास के नूतन मानदंडों को प्राप्त करने में पूर्णरूपेण सफल नहीं हुआ है। इंटरनेट एवं हाई फ्रीक्वेंसी के सूचनात्मक उपकरण तो गांव में पहुंच गए हैं, लेकिन शैक्षणिक स्थिति एवं स्वास्थ्यगत समस्याएं अभी भी मुंह बाए खड़ी रहती हैं। ऐसी...
हरियाणवी कलाकारों का मसीहा: जगत परदेसी

हरियाणवी कलाकारों का मसीहा: जगत परदेसी

वैसे तो फिल्म जगत को हरियाणा ने अनेक कोहिनूर दिए हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, लेकिन एक जौहरी ऐसे भी है जिन्होंने हरियाणा के दूरदराज गांवों में छिपी हुई प्रतिभाओं को खोज-खोज कर, तराश कर उन्हें मुंबई में पहुंचा कर सितारा बना दिया। पर्दे के पीछे उस असली...
भारतीय अर्थतंत्र का भीष्म पितामह: रतन नवल टाटा

भारतीय अर्थतंत्र का भीष्म पितामह: रतन नवल टाटा

बात सन 2005 ईस्वी की है जर्मनी के एक होटल में अपने दोस्तों संग खाना खाने के दौरान एक महाशय सामान्य व्यवहार बस विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का आर्डर दिए जो खा सके खाए फिर जो न नहीं खा सके उसे छोड़ दिए। जैसा कि आमतौर पर प्रायः अधिकांश भारतीय करते हैं और बिल चुका कर चलने...
शहीदों का सेवक: नरेंद्र अरोड़ा

शहीदों का सेवक: नरेंद्र अरोड़ा

एक दिन सुबह-सुबह हरियाणा प्रांत के करनाल जिले के रहने वाले श्री नरेंद्र अरोड़ा जी अखबार पढ़ रहे थे अचानक उनकी नजर एक खबर पर पड़ी जिसमें क्रांतिकारियों की प्रतिमाओं की दयनीय दशा के बारे में विस्तार से छपा हुआ था कि कैसे शहीदों की प्रतिमाएं अनाथ बच्चों की तरह हो गई है।...
बेसहारों की सहारा: गुंजन बिष्ट अरोड़ा

बेसहारों की सहारा: गुंजन बिष्ट अरोड़ा

उत्तराखंड की वादियों को तो प्रकृति ने अपने प्राकृतिक स्वरूप में काफी समृद्ध बनाया है लेकिन उसी प्राकृतिक छटावों के बीच गरीबी से अभिशप्त दर दर की ठोकर खाते भीख मांगते बच्चों को जब एक युवती देखती हैं तो उन्हें अपने बचपन के संघर्ष में दिन याद आ जाते हैं और वह भावुक हो...
प्रकृति को सहेजने में जुटी देवी: शुभांगी आप्टे

प्रकृति को सहेजने में जुटी देवी: शुभांगी आप्टे

दृष्टि बाधित होने के नाते खेल न सपने वाले, मनोरंजन नहीं कर पाने वाले, छात्रों के लिए ब्रेल लिपि में गेम्स की पुस्तक का प्रकाशन स्वयं के खर्च पर कराकर, देश के लगभग 40 शहरों में घूम घूम कर छात्रों के बीच में उसका निशुल्क वितरण करना ,देश के छात्र-छात्राओं को देश की...
मूक बधिर और अनाथ बच्चों की माँ: डॉक्टर रानी अवस्थी

मूक बधिर और अनाथ बच्चों की माँ: डॉक्टर रानी अवस्थी

ममत्व के नायाब खजाने से प्रकृति ने मात्र माँ को ही नवाजा है। इस खजाने के अक्षय कोष का अमृत रूपी रसपान करने का सौभाग्य अनेक मनुष्यों को नहीं मिल पाता है। परमपिता परमेश्वर समय-समय पर धरती पर ऐसी देवियों को भेजते रहते है जो अनाथ और बेसहारा लोगों के लिए माँ के आंचल का सुख...
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