विविधा एकेडमी ने बनाया कथक में वर्ल्ड रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में मिला स्थान

विविधा एकेडमी ने बनाया कथक में वर्ल्ड रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में मिला स्थान

कथक, एक उत्तर भारतीय शास्त्रीय नृत्य है। यह नृत्य कहानी पर आधारित होता है। प्राचीन ग्रंथों की कहानियों को कहने के लिए नर्तकियों द्वारा इसका प्रदर्शन किया जाता है। हाल हि में कथक नृत्य का प्रदर्शन करते हुए भोपाल की विविधा एकेडमी ने सबसे अधिक लोगों द्वारा एक के बाद एक...
रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी ने किया युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में मिला स्थान

रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी ने किया युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में मिला स्थान

आधुनिक AI युग में देश के प्रत्येक युवा के पास विभिन्न प्रकार के स्किल्स का होना अनिवार्य हो गया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के युवाओं के कौशल विकास करने की मुहिम में ‘कौशल महाकुंभ’ के अंतर्गत भिलाई की रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी में विश्व के सबसे बड़े...
छत्तीसगढ़ के बस्तर में बस्तर पण्डुम कार्यक्रम में बना विश्व कीर्तिमान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज

छत्तीसगढ़ के बस्तर में बस्तर पण्डुम कार्यक्रम में बना विश्व कीर्तिमान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज

बस्तर हज़ारों साल पुरानी आदिम सभ्यता और संस्कृति का एक सुन्दर हस्ताक्षर है। यहा के आदिवासी न केवल प्रकृति के उपासक है बल्कि अपनी वसुंधरा के संरक्षक भी है। बस्तर पण्डुम 2025 (Bastar Pandum 2025) के माध्यम से बस्तर की प्राचीन संस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के साथ ही...
विश्व की सबसे लंबी गेंदे की माला बनाने पर दैनिक भास्कर को मिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान

विश्व की सबसे लंबी गेंदे की माला बनाने पर दैनिक भास्कर को मिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान

दैनिक भास्कर, एक समाचार अखबार की संस्था है, जो भारत के हिन्दी भाषा के प्रमुख अखबारो में से एक है। हालहि में दैनिक भास्कर द्वारा मध्यप्रदेश के सागर कार्यालय में एक पहल की गई, जिसके अंतर्गत 41 साल पुरानी मांग को भारत सरकार द्वारा पूर्ण कराने का प्रयास किया गया। जिसमें...
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में लगाये गये एक लाख से अधिक फलदायक पौधें, बनाया विश्व रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में लगाये गये एक लाख से अधिक फलदायक पौधें, बनाया विश्व रिकॉर्ड

जहाँ पेड़-पौधे पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सहायता करते हैं जंगल तेजी से कम होते जा रहे हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला ने पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देते हुए “एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान” के तहत एक पहल की शुरुआत की। जिसके अंतर्गत जिला प्रशासन के...
एक साल की भावी ने गया सात भाषाओं में गीत, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

एक साल की भावी ने गया सात भाषाओं में गीत, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

सामन्यतः जिस उम्र में बच्चे बोलना सीख रहे होते हैं, उस उम्र में इस बच्ची ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिससे सारा जगत अचम्भित रह गया। हम बात कर रहे हैं भावी अंकित कच्हारा की। भावी ने महज एक वर्ष ग्यारह माह की उम्र में न केवल बोलना बल्कि सात भाषाओं में बोलना सीख लिया है। जिससे...
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले ने हीमोग्लोबिन जाँच कर रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले ने हीमोग्लोबिन जाँच कर रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

एनीमिया स्क्रीनिंग, जिसे CBC या हीमोग्लोबिन टेस्ट भी कहते हैं। यह हीमोग्लोबिन की मात्रा की जानकारी प्राप्त करने के लिए की जाती है। हीमोग्लोबिन की कमी कोई बीमारी नहीं है मगर इसकी कमी से शरीर में कमजोरी आती है। जिसके कारण इसकी जाँच कुछ समय के अंतराल में करा लेना चाहिए।...
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 12 घंटे में सबसे ज्यादा सोक पिट बनाकर रचा इतिहास, बनाये दो वर्ल्ड रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 12 घंटे में सबसे ज्यादा सोक पिट बनाकर रचा इतिहास, बनाये दो वर्ल्ड रिकॉर्ड

सोकपिट एक ऐसी भूमि संरचना है, जो वर्षा जल और अपशिष्ट जल को इकट्ठा होने से रोकने के लिए बनाई जाती है। यह भूजल रिचार्ज कर जल संरक्षण में मदद करती है। जल संरक्षण के क्षेत्र में कुछ ऐसा ही कार्य छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला ने भी किया है। कबीरधाम जिले में वर्षा जल संरक्षण के...
पिछ्ले 28 सालों से सुल्तान-ए-इंदौर एकता सेवा समिति कर रही अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार, बनाया विश्व रिकॉर्ड

पिछ्ले 28 सालों से सुल्तान-ए-इंदौर एकता सेवा समिति कर रही अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार, बनाया विश्व रिकॉर्ड

समर्पण और त्याग की भावना के साथ हर सेवा सार्थक होती है और इसी भावना के साथ इंदौर की सुल्तान-ए-इंदौर एकता सेवा समिति (Sultan-E-Indore Ekta Seva Samiti) पिछ्ले 28 सालों से लगातार अज्ञात शवों का विधि पूर्वक अंतिम संस्कार कर रही है। अंतिम संस्कार हिन्दू धर्म के सोलह...
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