विश्व रिकॉर्ड अपने आप में बहुत सम्माननीय है। विश्व रिकॉर्ड का मतलब ही वही है जो अलग है, अनोखा, विलक्षण है, जो सामान्य नहीं है जो महत्वपूर्ण है। हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं इतिहास में उनका नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित किया जाता है जो कुछ अलग करते हैं, कुछ विशेष करते हैं, जो अपने समर्थकों को ही नहीं अपने विरोधियों को भी साथ लेकर चलने की ताकत रखते हैं क्योंकि…..

” निगाहें नीचे रखते हैं बुलंदी के निशां वाले
उठाकर सर नहीं चलते, जमीन पर आसमां वाले”।

इसका अर्थ है कि जिनके भी नाम इतिहास में अमर हुए हैं उन्होंने कुछ असाधारण अवश्य ही किया है।

जिस प्रकार आकाश अनंत है, मनुष्य की सोच भी अनंत है, उसके इरादे ,उसके जज्बात, उसके जुनून को किसी पैमाने के तहत नापा नहीं जा सकता। संसार में जिन भी लोगों ने बुलंदियों को छुआ है उनके पीछे यही अभिप्रेरणा काम करती है। यह अभिप्रेरणा हमें ऊर्जा ,शक्ति, हौसला ,विपत्तियों से लड़ने की क्षमता, नाकामियों से ना घबराने का उत्साह, विरोधियों का सामना करने की ताकत और भी न जाने क्या-क्या प्रदान करती है। इसीलिए हर इंसान में वह आग और जज़्बा होना बहुत जरूरी है कि हमें कुछ करना है। इस जीवन में कुछ विशेष स्थापित करना है।

इस कार्य की पूरी कंपोज्ड फ़ाइल 03 मई 2021 को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भेज दी जाएगी जिसका आधिकारिक अप्रूवल लगभग 20 दिन तक प्राप्त होने की संभावना है।
इस काव्य संकलन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में विधिवत रूप से अंकित कराया गया जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से CLAIM ID – GBWR /Asia/21/in/0323 के तहत 31 मार्च 2021 को आधिकारिक रूप से अनुमति प्रदान की गई।
यह काव्य संकलन पूर्णतया शोध पर आधारित है और इसमें देश विदेश के जिन रचनाकारों को सम्मिलित किया गया है वे इन खिलाड़ियों के जीवन को पूरा पढेंगे, उन्हें आत्मसात करेंगे तथा उसके बाद 20 से 25 पंक्तियों में उनके जीवन का सार प्रस्तुत करेंगे जो अपने आप में बहुत ही प्रेरणादायक होगा। यह काव्य संकलन पूरी तरह से खेल पर आधारित है ।इसी के साथ- साथ वे भी खेलने के लिए प्रेरित हों ऐसी भावना के साथ इस पूरे प्रोजेक्ट पर काम किया गया है।
इस पूरे कार्य में लगभग 1 महीने का समय लगा। जल्दी ही यह गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में विश्व रिकॉर्ड बन जाएगा।
प्रभु की असीम अनुकंपा से एवं आप सभी की शुभकामनाओं के साथ हम जल्दी ही विश्व रिकॉर्ड के अंतिम चरण की ओर पहुंच रहे हैं ।मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि इसमें न केवल हमारे देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, शिक्षाविद आदि ही सम्मिलित नही हैं अपितु इसी के साथ – साथ हमारे साथ हमारे विदेशों के प्रवासी साहित्यकार भी शामिल हुए हैं जिनमें कपिल कुमार जी बेल्जियम से ,डॉ रमा जापान से, डॉ सीमा भांति जी अमेरिका से, डॉ शिप्रा शिल्पी जी जर्मनी से शालिनी वर्मा दोहा, कतर,डाॅ दीपा पालक्किल कालियत,ओमान से हैं।
अब यदि यह कहा जाए कि यह काव्य संकलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
इसी के साथ ISRO से वरिष्ठ वैज्ञानिक और एडवोकेट भी हैं। इसी के साथ- साथ चन्द्रशेखर शर्मा जो मोतीलाल नेहरू विद्यालय ऑफ स्पोर्ट्स, RAI राई में स्पोर्ट्स कोच हैं वे भी इस अनोखे प्रोजेक्ट में हमारे साथ हैं।
इस पुनीत कार्य मे हमारे साथ SPAA (Sports Academy Association of India ) सहयोग कर रहा है।SPAA भारत सरकार के MHRD मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त यह एक ऐसी संस्था है जो विभिन्न प्रकार के खेलों में जैसे कबड्डी ,बैडमिंटन कुश्ती, में स्नातक, स्नातकोत्तर, मैनेजमेंट इत्यादि से संबंधित कोर्स करवाती है। यह संस्था स्कूल लेवल से लेकर नेशनल लेवल तक अवसर प्रदान करती है ।यह संस्था इस बात पर ज़ोर दे रही है कि ‘खेल’ को भी रोजगार से जोड़ा जाए।
इसी के साथ IHRO इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन भी हमारे साथ है।
आशा है ये कार्य जल्दी ही सफलता पूर्वक सम्पन्न होगा।

मेरा अगला लक्ष्य गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड है ।यदि परिस्थितियां अनुकूल रही तो निश्चय ही हम वहां तक भी जल्द ही पहुंचेंगे।
भविष्य में और कुछ भी करने के लिए निरंतरता ,गतिशीलता ,सकारात्मकता आवश्यक है। भविष्य की अनंत संभावनाओं के साथ मैं आप सभी का पुनः धन्यवाद करती हूँ जिनका सहयोग मुझे आत्मिक रूप से मिलता रहा है।

चरैवेति चरैवेति…….

 Brochure-133 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं एवं संबंधित काव्य रचना

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