कम उम्र में असाधारण प्रतिभा और अनुशासन का परिचय देते हुए दिल्ली की 9 वर्षीय ताइक्वांडो खिलाड़ी आयशा शकील (Ayesha Shakeel) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। आयशा को प्रतिष्ठित गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Golden Book of World Records) द्वारा एक ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड के लिए आधिकारिक रूप से सम्मानित किया गया है।

आयशा शकील ने “ताइक्वांडो में सबसे कम उम्र की 3rd डैन ब्लैक बेल्ट” का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्होंने यह उपलब्धि मात्र 7 वर्ष, 9 माह और 1 दिन की आयु में हासिल की। GBWR प्रमाण पत्र के अनुसार, आयशा ने 28 अक्टूबर 2023 को कोरिया स्थित ताइक्वांडो (Taekwondo) की विश्व मान्यता प्राप्त संस्था कुक्किवोन (Kukkiwon) से 3rd पूम ताइक्वांडो टेस्ट सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया।
यह उपलब्धि न केवल उनकी तकनीकी दक्षता बल्कि कम आयु में असाधारण मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और समर्पण को भी दर्शाती है।

अनुशासन से शुरू हुई सफलता की यात्रा:
वर्तमान में आयशा, दिल्ली के द पिनेकल स्कूल की कक्षा 5-बी की छात्रा हैं। ताइक्वांडो उनके जीवन का हिस्सा बचपन से ही रहा है। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो पदक विजेता एवं उनके कोच श्री शकील अहमद के मार्गदर्शन में उन्होंने प्रारंभिक आयु से ही नियमित और संरचित प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कोविड-19 महामारी के दौरान, जब अधिकांश खेल गतिविधियाँ ठप हो गई थीं, आयशा ने निरंतर अभ्यास जारी रखा और उसी अवधि को अपने कौशल विकास का अवसर बना दिया।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर सफलता
विश्व रिकॉर्ड के अतिरिक्त आयशा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी प्रमुख उपलब्धियाँ निम्न हैं:
* गोल्ड मेडल: सियोल कप ऑनलाइन इंटरनेशनल ओपन चिल्ड्रन ताइक्वांडो चैंपियनशिप (कोरिया)
* गोल्ड मेडल: एशिया कॉन्टिनेंटल वर्चुअल ताइक्वांडो चैंपियनशिप
* गोल्ड मेडल: मेडेलियन ऑनलाइन ताइक्वांडो चैंपियनशिप
* गोल्ड मेडल: सायोकान फेडरेशन कप
* गोल्ड मेडल: ओपन नेशनल ऑनलाइन ताइक्वांडो चैंपियनशिप
* गोल्ड मेडल: बाल भवन नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप

इसके अलावा उन्होंने अनेक प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी निरंतर श्रेष्ठता सिद्ध की है।

विशेष सम्मान और पहचान:
आयशा की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें PEFI नेशनल कॉन्फ्रेंस में विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जहाँ ताइक्वांडो में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और कम आयु में विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने की उपलब्धि को सराहा गया।

युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा:
खेल विशेषज्ञों के अनुसार आयशा की सफलता का आधार प्रारंभिक प्रशिक्षण, अनुशासित दिनचर्या और निरंतर अभ्यास है। कम उम्र में पढ़ाई और उच्च स्तर की खेल प्रतिस्पर्धाओं के बीच संतुलन बनाना उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाता है।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज यह उपलब्धि और लगातार मिल रही सफलताएँ आयशा शकील को भारत की उभरती हुई ताइक्वांडो प्रतिभाओं में अग्रणी बनाती हैं। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प और मेहनत से उम्र कभी भी सफलता की सीमा नहीं बनती।

 

Reference:

01.-https://goldenbookofworldrecords.com/youngest-3rd-dan-black-belt-in-taekwondo-2/

02. https://newspositive.co.in/delhis-young-taekwondo-star-ayesha-shakeel-sets-golden-book-of-world-records-milestone/