ये दोस्ती का “बंधन “भी बडा अजीब है, मिल जाए तो बातें लंबी, “बिछड” जाए तो यादें लंबी। 

“अनुमान” गलत हो सकता है पर, “अनुभव” कभी गलत नहीं होता, क्योंकि “अनुमान” हमारे मन की “कल्पना” है, और “अनुभव” हमारे जीवन की “सीख” है।

“अनुमान” गलत हो सकता है पर, “अनुभव” कभी गलत नहीं होता, क्योंकि “अनुमान” हमारे मन की “कल्पना” है, और “अनुभव” हमारे जीवन की “सीख” है।

ये दोस्ती का “बंधन “भी बडा अजीब है, मिल जाए तो बातें लंबी, “बिछड” जाए तो यादें लंबी। 

रिश्ते, दोस्ती और स्नेह हर एक के मुक़द्दर में होते हैं, पर यह रुकते उन्हीं के पास हैं, जहाँ इनकी कदर  होती है। 

रिश्ते, दोस्ती और स्नेह हर एक के मुक़द्दर में होते हैं, पर यह रुकते उन्हीं के पास हैं, जहाँ इनकी कदर  होती है। 

ये दोस्ती का “बंधन “भी बडा अजीब है, मिल जाए तो बातें लंबी, “बिछड” जाए तो यादें लंबी। 

“खामोश” चहरे पर हजारो पहरे होते है। हँसती “आँखों” में भी ,”जख्म” गहरे होते है, जिनसे अक्सर “रूठ” जाते है हम, असल में उनसे ही, रिश्ते ज्यादा “गहरे” होते है।

“खामोश” चहरे पर हजारो पहरे होते है। हँसती “आँखों” में भी ,”जख्म” गहरे होते है, जिनसे अक्सर “रूठ” जाते है हम, असल में उनसे ही, रिश्ते ज्यादा “गहरे” होते है।

ये दोस्ती का “बंधन “भी बडा अजीब है, मिल जाए तो बातें लंबी, “बिछड” जाए तो यादें लंबी। 

”बदलना’ तय है ! हर चीज़ का.इस संसार में! बस कर्म अच्छे करते रहें। किसी का जीवन बदलेगा। किसी का ‘दिल’ बदलेगा, तो किसी के ‘दिन’ भी बदलेंगे!

”बदलना’ तय है ! हर चीज़ का.इस संसार में! बस कर्म अच्छे करते रहें। किसी का जीवन बदलेगा। किसी का ‘दिल’ बदलेगा, तो किसी के ‘दिन’ भी बदलेंगे!