सबसे बेहतरीन नजर वो है जो अपनी कमियों को देख सके, क्योंकि नींद तो रोज ही खुलती है पर आँखे कभी-कभी ही।

सबसे बेहतरीन नजर वो है जो अपनी कमियों को देख सके, क्योंकि नींद तो रोज ही खुलती है पर आँखे कभी-कभी ही।

सबसे बेहतरीन नजर वो है जो अपनी कमियों को देख सके, क्योंकि नींद तो रोज ही खुलती है पर आँखे कभी-कभी ही।
सबसे बेहतरीन नजर वो है जो अपनी कमियों को देख सके, क्योंकि नींद तो रोज ही खुलती है पर आँखे कभी-कभी ही।

यदि आप में दूसरों के लिए “प्रार्थना” और “सेवा” करने की आदत है। तो आपको स्वयं के लिए “प्रार्थना” करने की आवश्यकता नहीं होगी।

यदि आप में दूसरों के लिए “प्रार्थना” और “सेवा” करने की आदत है। तो आपको स्वयं के लिए “प्रार्थना” करने की आवश्यकता नहीं...
सबसे बेहतरीन नजर वो है जो अपनी कमियों को देख सके, क्योंकि नींद तो रोज ही खुलती है पर आँखे कभी-कभी ही।

एक निऱाशावादी इंसान हर मौके पर सिर्फ कठिनाइयों को ही देखता है, जबकि एक आशावादी इंसान हर कठिनाई में मौके देखता है।

एक निऱाशावादी इंसान हर मौके पर सिर्फ कठिनाइयों को ही देखता है, जबकि एक आशावादी इंसान हर कठिनाई में मौके देखता...
सबसे बेहतरीन नजर वो है जो अपनी कमियों को देख सके, क्योंकि नींद तो रोज ही खुलती है पर आँखे कभी-कभी ही।

“किसी के प्रति मन में क्रोध लिये रहने की अपेक्षा उसे तुरंत प्रकट कर देना अधिक अच्छा है, जैसे क्षणभर में जल जाना देर तक सुलगने से अधिक अच्छा है।”

“किसी के प्रति मन में क्रोध लिये रहने की अपेक्षा उसे तुरंत प्रकट कर देना अधिक अच्छा है, जैसे क्षणभर में जल जाना देर तक सुलगने से अधिक अच्छा...