समस्याओं का अपना कोई साईज नही होता। वो तो सिर्फ हमारी हल करने की क्षमता के आधार पर छोटी और बडी़ होती है।

समस्याओं का अपना कोई साईज नही होता। वो तो सिर्फ हमारी हल करने की क्षमता के आधार पर छोटी और बडी़ होती है।

समस्याओं का अपना कोई साईज नही होता। वो तो सिर्फ हमारी हल करने की क्षमता के आधार पर छोटी और बडी़ होती...
समस्याओं का अपना कोई साईज नही होता। वो तो सिर्फ हमारी हल करने की क्षमता के आधार पर छोटी और बडी़ होती है।

आप जिंदगी बिताने नहीं आए, जीवन जीने के लिए आए हैं। नफरत करके किसी की अहमियत बढ़ाने से ज्यादा अच्छा है उसे माफ कर दो।  हर कोई चंदन तो नही कि जीवन सुगन्धित कर सके, कुछ नीम के पेड़ भी होते हैं जो सुगन्धित तो नही करते पर काम बहुत आते है।

आप जिंदगी बिताने नहीं आए, जीवन जीने के लिए आए हैं। नफरत करके किसी की अहमियत बढ़ाने से ज्यादा अच्छा है उसे माफ कर दो।  हर कोई चंदन तो नही कि जीवन सुगन्धित कर सके, कुछ नीम के पेड़ भी होते हैं जो सुगन्धित तो नही करते पर काम बहुत आते...
समस्याओं का अपना कोई साईज नही होता। वो तो सिर्फ हमारी हल करने की क्षमता के आधार पर छोटी और बडी़ होती है।

“समय” के फैसले कभी गलत नहीं होते, बस साबित होने में समय लगता है, “स्वयं” को स्वयं ही खुश रखें, ये जिम्मेदारी किसी और को ना दें।

“समय” के फैसले कभी गलत नहीं होते, बस साबित होने में समय लगता है, “स्वयं” को स्वयं ही खुश रखें, ये जिम्मेदारी किसी और को ना...
समस्याओं का अपना कोई साईज नही होता। वो तो सिर्फ हमारी हल करने की क्षमता के आधार पर छोटी और बडी़ होती है।

क्रोध हमारा एक ऐसा हुनर है, जिसमें फंसते भी हम हैं, उलझते भी हम हैं, पछताते भी हम हैं, और पिछड़ते भी हम ही हैं।

क्रोध हमारा एक ऐसा हुनर है, जिसमें फंसते भी हम हैं, उलझते भी हम हैं, पछताते भी हम हैं, और पिछड़ते भी हम ही...
समस्याओं का अपना कोई साईज नही होता। वो तो सिर्फ हमारी हल करने की क्षमता के आधार पर छोटी और बडी़ होती है।

“वाणी” और “पानी” दोनों में ही “छवि” नज़र आती है “पानी” स्वच्छ हो तो “चित्र” नज़र आता है “वाणी” मधुर हो तो “चरित्र” नज़र आता है।

“वाणी” और “पानी” दोनों में ही “छवि” नज़र आती है “पानी” स्वच्छ हो तो “चित्र” नज़र आता है “वाणी” मधुर हो तो “चरित्र” नज़र आता...