योग की कठिन नौली क्रिया को आसानी से करने वाला युवा : हर्षित मानव

योग की कठिन नौली क्रिया को आसानी से करने वाला युवा : हर्षित मानव

योग में तो एक से बढ़कर एक अभ्यास एवं क्रियाएं हैं जिन्हें करके शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है, यह जानते हुए भी सभी लोग योग को स्वस्थता की स्थिति में कम ही करते है। हां, जब अस्वस्थ हो जाते हैं तो अवश्य इसकी तरफ आकर्षित होते हैं। वर्तमान दौर का यह सुनहला पक्ष है कि आज का...
बेस्ट मम्मी ऑफ द वर्ल्ड : श्री आदित्य तिवारी

बेस्ट मम्मी ऑफ द वर्ल्ड : श्री आदित्य तिवारी

“दुनिया की सर्वश्रेष्ठ मां” के अवार्ड का सम्मान एक नवयुवक को दिए जाने की घोषणा हो एवं वह एक ऐसे नवयुवक को जिसकी उम्र महज 30 वर्ष हो तो सुनने पर एकाएक यकीन नहीं होता है! आखिरकार यकीन हो भी कैसे, किसी पुरुष को मम्मी कैसे कहा जाता सकता है? वह भी आधिकारिक तौर...
शान बनने वाली पगड़ी ने बनाई शान : राहुल भाटी

शान बनने वाली पगड़ी ने बनाई शान : राहुल भाटी

वैसे तो हर व्यक्ति को पगड़ी बाँधकर आनंद की अनुभूति होती है और इसे बाँधने वाले व्यक्ति को अति सम्मानित नज़रों से देखा जाता है, लेकिन जोधपुर निवासी 27 वर्षीय राहुल भाटी (Rahul Bhati) जी ने दूसरों को पगड़ी यानी साफा बाँधकर अपनी शान ही नही अपितु सम्पूर्ण जोधपुर की शान बढ़ाने...
बड़े बड़े वाहन चलाने वाली नन्हीं सूरमा : रिफा तस्कीन

बड़े बड़े वाहन चलाने वाली नन्हीं सूरमा : रिफा तस्कीन

एक से बढ़कर एक फर्राटा भरने वाली कार हो, समान लादकर चलने वाली विशालकाय ट्रक हो अथवा विविध प्रकार की अन्य सवारी गाड़ियां, कर्नाटक प्रांत के मैसूर की निवासी फौलादी दिलवाली शेरनी रिफा तस्कीन (Rifa Taskeen) ने अलग-अलग 16 प्रकार के वाहनों को मात्र 7 वर्ष की आयु में चलाने...
गरीबों के मसीहा : डॉ हेमंत श्रीवास्तव

गरीबों के मसीहा : डॉ हेमंत श्रीवास्तव

प्राचीन काल से ही हमारे ऋषि-मुनि एवं विद्वतगण विभिन्न बीमारियों, असाध्य रोगों का इलाज जड़ी-बूटी, पौधों आदि से सफलतापूर्वक किया करते थे। शनै: शनै: विज्ञान की प्रगति के चलते एलोपैथी चिकित्सा पद्धति ने प्रमुखता हासिल कर ली तथा आयुर्वेद एवं होम्योपैथी को इसने पीछे धकेल...
मन की पीड़ा को महसूस करने वाली सच्ची मानोचिकित्सक : डॉ अनीता गौतम

मन की पीड़ा को महसूस करने वाली सच्ची मानोचिकित्सक : डॉ अनीता गौतम

शिक्षा की वर्तमान स्थिति में तेज़ी से सुधार हुआ है , वैज्ञानिक आविष्कार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण, दोनो में जबरदस्त गुणवत्तापरक बदलाव आए हैं। बावजूद इन सबके, भारत देश की एक विशाल जनसंख्या अभी भी अनेक बीमारियों का बेहतरीन चिकित्सकों से इलाज कराने के बजाय झाड़-फूंक आदि से...