by Mrigendra Raj Pandey
केवल 4 मात्रा पर आधारित विश्व की सबसे छोटी गजल लिखना अपने आप में अजूबा होता है लेकिन यह कारनामा कर दिखाया है उज्जैन निवासी मोहम्मद आरिफ खान (Mo. Arif Khan) ने । 9 मई 1970 को भैरव गढ़ उज्जैन में बेहद गरीब परिवार में जन्मे आरिफ जी के जीवन में कठिनाइयों ने अपना गहन जाल...
by Mrigendra Raj Pandey
मन लागा मेरा यार फकीरी में। ये पंक्तियां श्री हरि व्योम (Hari Vyom) जी के ऊपर सौ फ़ीसदी खरी उतरती हैं। दूरदर्शन विभाग में बनी, बनाई सरकारी सेवा को छोड़कर आप कोलकाता में आकर अंध प्रतिभाओं के कल्याणार्थ लग गए और वहीं प्रभु की आराधना में रम कर अल मस्त सन्यासी की तरह...
by Mrigendra Raj Pandey
कभी-कभी भगवान को भक्तों से काम पड़े ।हैदराबाद में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान जैसे ही है यह भजन समाप्त होता है कि श्रोता दीर्घा में बैठे शास्त्रीय संगीत के पितामह श्रीयुत पंडित जसराज जी उठते हैं और गाने वाले के गले में अपना मोतियों से जड़ित अत्यंत प्रिय हार...
by Mrigendra Raj Pandey
विश्व की सबसे छोटी पुस्तकें लिखना हो अथवा धरती का सबसे छोटा चरखा बनाना हो ,ऐसे न जाने कितने अनोखे कारनामे कर दिखाए हैं, हल्द्वानी, उत्तराखंड के रहने वाले श्री प्रकाश चंद्र उपाध्याय जी ने ।सैन्य सेवा में रहे पिता श्री लक्ष्मी दत्त उपाध्याय जी एवं माता श्रीमती सरस्वती...
by Mrigendra Raj Pandey
9 के अंक पर गहन शोध करके विश्व स्तर की ख्याति अर्जित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Golden Book of World Records) तथा लिम्का बुक आदि में अपना नाम दर्ज कराने वाले श्री नवल किशोर राठी (Naval Kishor Rathi) जी के जीवन में एक ऐसा समय भी आया कि, जीवन के संग्राम से मुंह...
by Mrigendra Raj Pandey
गिरते हैं सह सवार मैदाने जंग में वो तिफ्ल क्या गिरे जो घुटनों के बल चले। यह मात्र कहावत ही नहीं है अपितु उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मूल निवासी तथा कानपुर में एक कोचिंग संस्थान में छात्रों को पढ़ाने वाले 26 वर्षीय युवा ने इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है इस होनहार...