” खुशियों” का ताल्लुक “दौलत” से नही होता जिसका मन “मस्त” है उसके पास “समस्त” है। by Newspositive ‹ Previous क्रोध में भी शब्दो का चुनाव ऐसा करना चाहिए कि कल जब क्रोध शांत हो तो खुद को खुद की नजरों में कभी भी शर्मिंदा ना होना पड़े। Next › आप अकेले बोल तो सकते है,परन्तु बातचीत नहीं कर सकते। आप अकेले आनन्दित हो सकते है,परन्तु उत्सव नहीं मना सकते। अकेले आप मुस्करा तो सकते है परन्तु हर्षोल्लास नहीं मना सकते हम सब एक दूसरे के बिना कुछ नहीं हैं यही रिश्तों की खूबसूरती है। Related Posts "खुशियों" का ताल्लुक "दौलत" से नही होता जिसका मन "मस्त" है उसके पास "समस्त" है। “ज्ञानी होने से शब्द समझ में आने लगते हैं और अनुभवी होने से अर्थ” "बोलना" और "प्रतिक्रिया" करना जरूरी है लेकिन "संयम" और "सभ्यता" का दामन नहीं छूटना चाहिये आजाद रहिये "विचारों" से परन्तु बंधे रहिये "संस्कारों" से। ” खुशियों” का ताल्लुक “दौलत” से नही होता जिसका मन “मस्त” है उसके पास “समस्त” है। Facebook Twitter Gmail LinkedIn