Related Posts
-
"वाणी" और "पानी" दोनों में ही "छवि" नज़र आती है "पानी" स्वच्छ हो तो "चित्र" नज़र आता है "वाणी" मधुर हो तो "चरित्र" नज़र आता है।
-
अपने स्वभाव को हमेशा सूर्य की तरह रखिए, ना उगने का अभिमान ना डूबने का डर। जीवन में तूफान आने भी ज़रूरी हैं क्यूंकि तभी पता चलता है कि कौन हाथ पकड़ता है, कौन हाथ छोड़ देता है।
-
बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है लेकिन,संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिए। हमारे जीवन में अच्छे लोगों का महत्व दिल की धड़कनों की तरह ही है, वह दिखाई नहीं देते लेकिन हमारे जीने का सहारा हैं।