Related Posts
-
पुण्य किसी को दगा नहीं देता और पाप किसी का सगा नहीं होता जो कर्म को समझता है उसे धर्म को समझने की जरूरत ही नहीं संपत्ति के उत्तराधिकारी कोई भी या एक से ज्यादा हो सकते है लेकिन कर्मों के उत्तराधिकारी केवल हम स्वयं ही होते है l
-
कठिन परिस्थितियों मे संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है, आत्मबल !!
-
"वक्त" भी बड़े ही कमाल का होता है, सबसे इंतजार करवा लेता है लेकिन खुद कभी किसी का इंतजार नही करता।
“अच्छे लोग” बहुत ही सस्ते होते हैं। बस मीठा बोलो और खरीद लों ! शायद इसीलिए लोग उनकी “कीमत” नहीं समझते।