ख़ामोशी की तह में छुपा लो सारी उलझनो को, शोर कभी मुश्किलों को आसान नहीं करता। जो सुख में साथ दे, वे “रिश्ते” होते हैं ! जो दुख में साथ दे, वे “फरिश्ते” होते हैं !
ख़ामोशी की तह में छुपा लो सारी उलझनो को, शोर कभी मुश्किलों को आसान नहीं करता। जो सुख में साथ दे, वे “रिश्ते” होते हैं ! जो दुख में साथ दे, वे “फरिश्ते” होते हैं !
ऐ ज़िंदगी मुश्किलों के सदा हल दे, थक न सके हम, फुर्सत के कुछ पल दे, दुआ यही है दिल से कि सबका हो सुखद आज, और उस से भी बेहतर कल दे।
ऐ ज़िंदगी मुश्किलों के सदा हल दे, थक न सके हम, फुर्सत के कुछ पल दे, दुआ यही है दिल से कि सबका हो सुखद आज, और उस से भी बेहतर कल दे।
समय गूंगा नहीं बस मौन है, वक्त पर बताता है किसका कौन है। ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं, परिवार और मित्र जिन्दगी की जड़ हैं, हम फल के बिना अपने आप को चला सकते हैं, पर जड़ के बिना खड़े नहीं हो सकते।
समय गूंगा नहीं बस मौन है, वक्त पर बताता है किसका कौन है। ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं, परिवार और मित्र जिन्दगी की जड़ हैं, हम फल के बिना अपने आप को चला सकते हैं, पर जड़ के बिना खड़े नहीं हो सकते।
‘ डर’ कहता है,यह असंभव है। ‘अनुभव’ कहता है,यह जोखिम भरा है। ‘ तर्क ‘ कहता है,यह कठिन है। परंतु,’ साहस ‘ कहता है, एक बार ‘ प्रयास ‘ तो कीजिए।
‘ डर’ कहता है,यह असंभव है। ‘अनुभव’ कहता है,यह जोखिम भरा है। ‘ तर्क ‘ कहता है,यह कठिन है। परंतु,’ साहस ‘ कहता है, एक बार ‘ प्रयास ‘ तो कीजिए।
सच्चे व्यक्ति का व्यक्तित्व नमक की तरह अनोखा होता है, जिसकी उपस्थिति याद नही रहती, मगर उसकी अनुपस्थिति प्रत्येक चीज को बेस्वाद बना देती है।
सच्चे व्यक्ति का व्यक्तित्व नमक की तरह अनोखा होता है, जिसकी उपस्थिति याद नही रहती, मगर उसकी अनुपस्थिति प्रत्येक चीज को बेस्वाद बना देती है।
किसी एक्सरे में भी नजर नही आते है जो जख्म अपने दे जाते है। लोग कहते है कि आदमी को अमीर होना चाहिए। और हम कहते है कि आदमी में जमीर होना चाहिए।
किसी एक्सरे में भी नजर नही आते है जो जख्म अपने दे जाते है। लोग कहते है कि आदमी को अमीर होना चाहिए। और हम कहते है कि आदमी में जमीर होना चाहिए।
“मेहनत का फल” और “समस्या का हल” देर से ही सही पर जरूर मिलता है। जो आनंद अपनी छोटी पहचान बनाने मे है, वो किसी बड़े की परछाई बनने मे नही है।
“मेहनत का फल” और “समस्या का हल” देर से ही सही पर जरूर मिलता है। जो आनंद अपनी छोटी पहचान बनाने मे है, वो किसी बड़े की परछाई बनने मे नही है।
इस दुनिया में “सफल” होने का सबसे अच्छा तरीका है उस ‘सलाह’ पर काम करना जो आप दूसरों को देते हैं पतझड़ में सिर्फ “पत्ते” गिरते हैं नज़रों से गिरने का कोई मौसम नही होता I
इस दुनिया में “सफल” होने का सबसे अच्छा तरीका है उस ‘सलाह’ पर काम करना जो आप दूसरों को देते हैं पतझड़ में सिर्फ “पत्ते” गिरते हैं नज़रों से गिरने का कोई मौसम नही होता I