पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते...
पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

” बदलने के लिए लड़ना पड़ता है और आसान बनाने के लिए “समझना” पड़ता है। इंसान का स्वभाव इस तरह है जो “लेकर जाना” है उसे “छोड़ रहा” है जो “यहीं रह जाना” है उसे “जोड़ रहा” है।

” बदलने के लिए लड़ना पड़ता है और आसान बनाने के लिए “समझना” पड़ता है। इंसान का स्वभाव इस तरह है जो “लेकर जाना” है उसे “छोड़ रहा” है जो “यहीं रह जाना” है उसे “जोड़ रहा”...
पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

ढूंढने पर आपको वो ही मिलेंगे जो खो गए थे, वो इंसान कभी नही मिलेंगे जो बदल गए है। तो फिर साझेदारी करो तो किसी के दर्द की करो। क्योंकि खुशियों के तो दावेदार बहुत हैं।

ढूंढने पर आपको वो ही मिलेंगे जो खो गए थे, वो इंसान कभी नही मिलेंगे जो बदल गए है। तो फिर साझेदारी करो तो किसी के दर्द की करो। क्योंकि खुशियों के तो दावेदार बहुत...
पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

अकेले हम बूँद हैं, मिल जाएं तो सागर हैं अकेले हम धागा हैं, मिल जाएं तो चादर हैं अकेले हम कागज हैं, मिल जाएं तो किताब हैं जीवन का आनंद मिलजुल कर रहने में है खुश रहो खुशिया बाँटते रहो।

अकेले हम बूँद हैं, मिल जाएं तो सागर हैं अकेले हम धागा हैं, मिल जाएं तो चादर हैं अकेले हम कागज हैं, मिल जाएं तो किताब हैं जीवन का आनंद मिलजुल कर रहने में है खुश रहो खुशिया बाँटते...
पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

जीवन उन लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ है, जो इसका आनंद ले रहे हैं। उन लोगों के लिए मुश्किल है, जो इसका विश्लेषण कर रहे हैं।

जीवन उन लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ है, जो इसका आनंद ले रहे हैं। उन लोगों के लिए मुश्किल है, जो इसका विश्लेषण कर रहे...
पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

समस्याओं का अपना कोई साईज नही होता। वो तो सिर्फ हमारी हल करने की क्षमता के आधार पर छोटी और बडी़ होती है।

समस्याओं का अपना कोई साईज नही होता। वो तो सिर्फ हमारी हल करने की क्षमता के आधार पर छोटी और बडी़ होती...
पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

आप जिंदगी बिताने नहीं आए, जीवन जीने के लिए आए हैं। नफरत करके किसी की अहमियत बढ़ाने से ज्यादा अच्छा है उसे माफ कर दो।  हर कोई चंदन तो नही कि जीवन सुगन्धित कर सके, कुछ नीम के पेड़ भी होते हैं जो सुगन्धित तो नही करते पर काम बहुत आते है।

आप जिंदगी बिताने नहीं आए, जीवन जीने के लिए आए हैं। नफरत करके किसी की अहमियत बढ़ाने से ज्यादा अच्छा है उसे माफ कर दो।  हर कोई चंदन तो नही कि जीवन सुगन्धित कर सके, कुछ नीम के पेड़ भी होते हैं जो सुगन्धित तो नही करते पर काम बहुत आते...
पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं। ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

“समय” के फैसले कभी गलत नहीं होते, बस साबित होने में समय लगता है, “स्वयं” को स्वयं ही खुश रखें, ये जिम्मेदारी किसी और को ना दें।

“समय” के फैसले कभी गलत नहीं होते, बस साबित होने में समय लगता है, “स्वयं” को स्वयं ही खुश रखें, ये जिम्मेदारी किसी और को ना...
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