कच्चे आम का स्वभाव खट्टा है, गुड़ का स्वभाव मीठा है, मिर्च का स्वभाव तीखा है, नमक की प्रकृति लवणता है, फिर भी अचार ने कितना अच्छा एडजस्टमेंट कर लिया है और सभी को अच्छा लगता है। उसी प्रकार जिंदगी में सबके साथ एवं सभी के स्वभाव के साथ एडजस्टमेंट करना सीख लें तो सबको कितने अच्छे लगेंगे और जीवन मधुर हो सकता है l

कच्चे आम का स्वभाव खट्टा है, गुड़ का स्वभाव मीठा है, मिर्च का स्वभाव तीखा है, नमक की प्रकृति लवणता है, फिर भी अचार ने कितना अच्छा एडजस्टमेंट कर लिया है और सभी को अच्छा लगता है। उसी प्रकार जिंदगी में सबके साथ एवं सभी के स्वभाव के साथ एडजस्टमेंट करना सीख लें तो सबको कितने अच्छे लगेंगे और जीवन मधुर हो सकता है l

कच्चे आम का स्वभाव खट्टा है, गुड़ का स्वभाव मीठा है, मिर्च का स्वभाव तीखा है, नमक की प्रकृति लवणता है, फिर भी अचार ने कितना अच्छा एडजस्टमेंट कर लिया है और सभी को अच्छा लगता है। उसी प्रकार जिंदगी में सबके साथ एवं सभी के स्वभाव के साथ एडजस्टमेंट करना सीख लें तो सबको कितने अच्छे लगेंगे और जीवन मधुर हो सकता है l

कच्चे आम का स्वभाव खट्टा है, गुड़ का स्वभाव मीठा है, मिर्च का स्वभाव तीखा है, नमक की प्रकृति लवणता है, फिर भी अचार ने कितना अच्छा एडजस्टमेंट कर लिया है और सभी को अच्छा लगता है। उसी प्रकार जिंदगी में सबके साथ एवं सभी के स्वभाव के साथ एडजस्टमेंट करना सीख लें तो सबको कितने अच्छे लगेंगे और जीवन मधुर हो सकता है l

कागज के टुकड़े करना सरल है, कपड़े के टुकड़े करना थोड़ा कठिन है, लोहे के टुकड़े करना काफी कठिन है, लेकिन सबसे ज्यादा कठिन कुछ है तो वह है हमारे अंदर स्थित अहम के टुकड़े करना।

कागज के टुकड़े करना सरल है, कपड़े के टुकड़े करना थोड़ा कठिन है, लोहे के टुकड़े करना काफी कठिन है, लेकिन सबसे ज्यादा कठिन कुछ है तो वह है हमारे अंदर स्थित अहम के टुकड़े करना।

कच्चे आम का स्वभाव खट्टा है, गुड़ का स्वभाव मीठा है, मिर्च का स्वभाव तीखा है, नमक की प्रकृति लवणता है, फिर भी अचार ने कितना अच्छा एडजस्टमेंट कर लिया है और सभी को अच्छा लगता है। उसी प्रकार जिंदगी में सबके साथ एवं सभी के स्वभाव के साथ एडजस्टमेंट करना सीख लें तो सबको कितने अच्छे लगेंगे और जीवन मधुर हो सकता है l

जिंदगी का सच हम भी वही है,संबंध भी वही हैं,रास्ते भी वही है। बदलते हैं,तो सिर्फ ‘समय,संजोग और नजर।

जिंदगी का सच हम भी वही है,संबंध भी वही हैं,रास्ते भी वही है। बदलते हैं,तो सिर्फ ‘समय,संजोग और नजर।

कच्चे आम का स्वभाव खट्टा है, गुड़ का स्वभाव मीठा है, मिर्च का स्वभाव तीखा है, नमक की प्रकृति लवणता है, फिर भी अचार ने कितना अच्छा एडजस्टमेंट कर लिया है और सभी को अच्छा लगता है। उसी प्रकार जिंदगी में सबके साथ एवं सभी के स्वभाव के साथ एडजस्टमेंट करना सीख लें तो सबको कितने अच्छे लगेंगे और जीवन मधुर हो सकता है l

जिस प्रकार “पानी” के बगैर, “नदी” का कोई मतलब नहीं रह जाता है, उसी प्रकार “मधुरता” के बगैर, “संबंधों” का कोई अर्थ नहीं रह जाता है।

जिस प्रकार “पानी” के बगैर, “नदी” का कोई मतलब नहीं रह जाता है, उसी प्रकार “मधुरता” के बगैर, “संबंधों” का कोई अर्थ नहीं रह जाता है।

कच्चे आम का स्वभाव खट्टा है, गुड़ का स्वभाव मीठा है, मिर्च का स्वभाव तीखा है, नमक की प्रकृति लवणता है, फिर भी अचार ने कितना अच्छा एडजस्टमेंट कर लिया है और सभी को अच्छा लगता है। उसी प्रकार जिंदगी में सबके साथ एवं सभी के स्वभाव के साथ एडजस्टमेंट करना सीख लें तो सबको कितने अच्छे लगेंगे और जीवन मधुर हो सकता है l

हम न नास्तिक है न आस्तिक, हम तो केवल वास्तविक है। जो अच्छा लगे उसको ग्रहण करो, जो बुरा लगे उसका त्याग करो फिर चाहे वो विचार हो, कर्म हो, या धर्म हो।

हम न नास्तिक है न आस्तिक, हम तो केवल वास्तविक है। जो अच्छा लगे उसको ग्रहण करो, जो बुरा लगे उसका त्याग करो फिर चाहे वो विचार हो, कर्म हो, या धर्म हो।