जो समय “चिंता” में व्यतीत होता है वह “कूड़ेदान” में जाता है और जो समय “चिंतन” में व्यतीत होता है वह “तिजोरी” में जमा होता है।

जो समय “चिंता” में व्यतीत होता है वह “कूड़ेदान” में जाता है और जो समय “चिंतन” में व्यतीत होता है वह “तिजोरी” में जमा होता है।

जो समय “चिंता” में व्यतीत होता है वह “कूड़ेदान” में जाता है और जो समय “चिंतन” में व्यतीत होता है वह “तिजोरी” में जमा होता है।

जो समय “चिंता” में व्यतीत होता है वह “कूड़ेदान” में जाता है और जो समय “चिंतन” में व्यतीत होता है वह “तिजोरी” में जमा होता है।

धनवान बनने के लिए एक-एक कण का संग्रह करना पडता है औऱ गुणवान बनने के लिए एक-एक क्षण का सदुपयोग करना पडता है कोशिश धनवान और गुणवान दोनों बनने की करें क्योंकि दोंनो का जीवन मे बहुत महत्व है। 

धनवान बनने के लिए एक-एक कण का संग्रह करना पडता है औऱ गुणवान बनने के लिए एक-एक क्षण का सदुपयोग करना पडता है कोशिश धनवान और गुणवान दोनों बनने की करें क्योंकि दोंनो का जीवन मे बहुत महत्व है। 

जो समय “चिंता” में व्यतीत होता है वह “कूड़ेदान” में जाता है और जो समय “चिंतन” में व्यतीत होता है वह “तिजोरी” में जमा होता है।

रंग रूप देखकर किसी की फितरत का अंदाजा मत लगाना क्योंकि वफ़ादार और अच्छे लोग अक्सर सादगी में ही मिलते हैं।

रंग रूप देखकर किसी की फितरत का अंदाजा मत लगाना क्योंकि वफ़ादार और अच्छे लोग अक्सर सादगी में ही मिलते हैं।