झुक जाते हैं जो लोग आपके लिए किसी भी हद् तक वह सिर्फ आपकी इज़्ज़त ही नहीं करते, आपसे प्रेम भी करते हैं किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है।

झुक जाते हैं जो लोग आपके लिए किसी भी हद् तक वह सिर्फ आपकी इज़्ज़त ही नहीं करते, आपसे प्रेम भी करते हैं किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है।

झुक जाते हैं जो लोग आपके लिए किसी भी हद् तक वह सिर्फ आपकी इज़्ज़त ही नहीं करते, आपसे प्रेम भी करते हैं किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है।

झुक जाते हैं जो लोग आपके लिए किसी भी हद् तक वह सिर्फ आपकी इज़्ज़त ही नहीं करते, आपसे प्रेम भी करते हैं किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है।

हम जिन्दगी में सोचते बहुत है, और महसुस बहुत कम करते है, इसलिए मत जियो उसके लिए, जो दुनिया के लिए खूबसूरत हो, जियो उसके लिए जो तुम्हारी, दुनिया को खूबसूरत बनाये। 

हम जिन्दगी में सोचते बहुत है, और महसुस बहुत कम करते है, इसलिए मत जियो उसके लिए, जो दुनिया के लिए खूबसूरत हो, जियो उसके लिए जो तुम्हारी, दुनिया को खूबसूरत बनाये। 

झुक जाते हैं जो लोग आपके लिए किसी भी हद् तक वह सिर्फ आपकी इज़्ज़त ही नहीं करते, आपसे प्रेम भी करते हैं किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है।

इंसान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है,यह जानते हुए भी कि भाग्य से ऊंचा उसका कर्म है, जो उसके स्वयं के हाथों में है!

इंसान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है,यह जानते हुए भी कि भाग्य से ऊंचा उसका कर्म है, जो उसके स्वयं के हाथों में है!

झुक जाते हैं जो लोग आपके लिए किसी भी हद् तक वह सिर्फ आपकी इज़्ज़त ही नहीं करते, आपसे प्रेम भी करते हैं किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है।

नमक जैसा बनाइये अपना “व्यक्तित्व” आपकी उपस्थिति का भले ही पता न चले पर अनुपस्थिति का अहसास अवश्य होना चाहिये।

नमक जैसा बनाइये अपना “व्यक्तित्व” आपकी उपस्थिति का भले ही पता न चले पर अनुपस्थिति का अहसास अवश्य होना चाहिये।

झुक जाते हैं जो लोग आपके लिए किसी भी हद् तक वह सिर्फ आपकी इज़्ज़त ही नहीं करते, आपसे प्रेम भी करते हैं किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है।

“भाग्य बारिश का पानी है और परिश्रम कुंए का जल।” बारिश में नहाना आसान तो है लेकिन रोज नहाने के लिए हम बारिश के सहारे नहीं रह सकते। इसी प्रकार भाग्य से कभी-कभी चीजे आसानी से मिल जाती है किन्तु हमेशा भाग्य के भरोसे नहीं जी सकते।

“भाग्य बारिश का पानी है और परिश्रम कुंए का जल।” बारिश में नहाना आसान तो है लेकिन रोज नहाने के लिए हम बारिश के सहारे नहीं रह सकते। इसी प्रकार भाग्य से कभी-कभी चीजे आसानी से मिल जाती है किन्तु हमेशा भाग्य के भरोसे नहीं जी सकते।