पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं! ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं! ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं! ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं! ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

दूसरों को समझना बुद्धिमानी है, खुद को समझना असली ज्ञान है। दूसरों को काबू करना बल है, और खुद को काबू करना वास्तविक शक्ति है! जिसने संसार को बदलने की कोशिश की वो हार गया और जिसने खुद को बदल लिया वो जीत गया।

दूसरों को समझना बुद्धिमानी है, खुद को समझना असली ज्ञान है। दूसरों को काबू करना बल है, और खुद को काबू करना वास्तविक शक्ति है! जिसने संसार को बदलने की कोशिश की वो हार गया और जिसने खुद को बदल लिया वो जीत गया।

पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं! ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

झुक जाते हैं जो लोग आपके लिए किसी भी हद् तक वह सिर्फ आपकी इज़्ज़त ही नहीं करते, आपसे प्रेम भी करते हैं किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है।

झुक जाते हैं जो लोग आपके लिए किसी भी हद् तक वह सिर्फ आपकी इज़्ज़त ही नहीं करते, आपसे प्रेम भी करते हैं किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है।

पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं! ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

हम जिन्दगी में सोचते बहुत है, और महसुस बहुत कम करते है, इसलिए मत जियो उसके लिए, जो दुनिया के लिए खूबसूरत हो, जियो उसके लिए जो तुम्हारी, दुनिया को खूबसूरत बनाये। 

हम जिन्दगी में सोचते बहुत है, और महसुस बहुत कम करते है, इसलिए मत जियो उसके लिए, जो दुनिया के लिए खूबसूरत हो, जियो उसके लिए जो तुम्हारी, दुनिया को खूबसूरत बनाये। 

पानी का असली स्वाद तब पता लगता है जब हम बहुत प्यासे होते हैं! ठीक उसी तरह प्रेम और सहयोग का पता तब चलता है जब हम बहुत कठिनाई में होते हैं।

इंसान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है,यह जानते हुए भी कि भाग्य से ऊंचा उसका कर्म है, जो उसके स्वयं के हाथों में है!

इंसान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है,यह जानते हुए भी कि भाग्य से ऊंचा उसका कर्म है, जो उसके स्वयं के हाथों में है!