अच्छे लोगों की परीक्षा न लीजिए, वे पारे की तरह होते हैं कोई उन पर चोट करता है तो वे टूटते नहीं, फिसल कर चुपचाप आपकी जिन्दगी से निकल जाते हैं

अच्छे लोगों की परीक्षा न लीजिए, वे पारे की तरह होते हैं कोई उन पर चोट करता है तो वे टूटते नहीं, फिसल कर चुपचाप आपकी जिन्दगी से निकल जाते हैं

अच्छे लोगों की परीक्षा न लीजिए, वे पारे की तरह होते हैं कोई उन पर चोट करता है तो वे टूटते नहीं, फिसल कर चुपचाप आपकी जिन्दगी से निकल जाते...
अच्छे लोगों की परीक्षा न लीजिए, वे पारे की तरह होते हैं कोई उन पर चोट करता है तो वे टूटते नहीं, फिसल कर चुपचाप आपकी जिन्दगी से निकल जाते हैं

“दुनिया की लगभग हर चीज सिर्फ ठोकर लगने से ही टूट जाती है, सिर्फ एक कामयाबी ही है, जो ठोकर खाने के बाद ही मिलती है।”

“दुनिया की लगभग हर चीज सिर्फ ठोकर लगने से ही टूट जाती है, सिर्फ एक कामयाबी ही है, जो ठोकर खाने के बाद ही मिलती...
अच्छे लोगों की परीक्षा न लीजिए, वे पारे की तरह होते हैं कोई उन पर चोट करता है तो वे टूटते नहीं, फिसल कर चुपचाप आपकी जिन्दगी से निकल जाते हैं

परिस्थितियों के अनुसार सब चीज सुंदर हैं। जो स्कूल की घंटी सुबह के समय बेकार लगती है, वही छुट्टी के समय बहुत अच्छी लगती है।

परिस्थितियों के अनुसार सब चीज सुंदर हैं। जो स्कूल की घंटी सुबह के समय बेकार लगती है, वही छुट्टी के समय बहुत अच्छी लगती...
अच्छे लोगों की परीक्षा न लीजिए, वे पारे की तरह होते हैं कोई उन पर चोट करता है तो वे टूटते नहीं, फिसल कर चुपचाप आपकी जिन्दगी से निकल जाते हैं

सबसे बेहतरीन नजर वो है जो अपनी कमियों को देख सके, क्योंकि नींद तो रोज ही खुलती है पर आँखे कभी-कभी ही।

सबसे बेहतरीन नजर वो है जो अपनी कमियों को देख सके, क्योंकि नींद तो रोज ही खुलती है पर आँखे कभी-कभी ही।
अच्छे लोगों की परीक्षा न लीजिए, वे पारे की तरह होते हैं कोई उन पर चोट करता है तो वे टूटते नहीं, फिसल कर चुपचाप आपकी जिन्दगी से निकल जाते हैं

यदि आप में दूसरों के लिए “प्रार्थना” और “सेवा” करने की आदत है। तो आपको स्वयं के लिए “प्रार्थना” करने की आवश्यकता नहीं होगी।

यदि आप में दूसरों के लिए “प्रार्थना” और “सेवा” करने की आदत है। तो आपको स्वयं के लिए “प्रार्थना” करने की आवश्यकता नहीं...
अच्छे लोगों की परीक्षा न लीजिए, वे पारे की तरह होते हैं कोई उन पर चोट करता है तो वे टूटते नहीं, फिसल कर चुपचाप आपकी जिन्दगी से निकल जाते हैं

एक निऱाशावादी इंसान हर मौके पर सिर्फ कठिनाइयों को ही देखता है, जबकि एक आशावादी इंसान हर कठिनाई में मौके देखता है।

एक निऱाशावादी इंसान हर मौके पर सिर्फ कठिनाइयों को ही देखता है, जबकि एक आशावादी इंसान हर कठिनाई में मौके देखता...
Share This