by Mrigendra Raj Pandey
साहित्य का संबंध अंतःकरण से होता है तथा एक सच्चे साहित्यकार को युगबोध के संवाहक के रूप में देखा जाता है। अनेक साहित्यकार एवं कवि हैं जो समय की भयावह व्यापकता और गहराई को परिभाषित करने की कोशिश करते रहते हैं लेकिन ऐसे भी साहित्यिक मनीषी हैं जो समय के विकराल स्वरूप से...
by Mrigendra Raj Pandey
उच्च कोटि के भोजन, आवास एवं वस्त्र की सुविधा से युक्त करोड़ों लोग भारत देश में मौजूद हैं लेकिन करोड़ों लोगों के लिए दो जून की रोटी, एक छोटा सा बसेरा एवं तन ढकने के लिए वस्त्र उपलब्ध कराने के लिए सोचने वालों का आज अभाव सा हो गया है। स्वयं की बेहतरी के लिए समस्त समाज आज...
by Mrigendra Raj Pandey
जीवन की उत्पत्ति से लेकर मानव जीवन के विकास यात्रा की संपूर्ण कहानी में नदियों का योगदान, उनका महात्म्य रचा बसा हुआ है। अनेक विकसित संस्कृतियों का उत्थान और पतन नदियों के ऊपर ही निर्भर रहा है। वैसे तो धरा पर अनेकानेक नदियों का प्रादुर्भाव हुआ है जो छोटी-बड़ी विविध...
by Mrigendra Raj Pandey
सामान्य सा व्यक्तित्व, मध्यमवर्गीय परिवार एवं गृहस्थी के मायाजाल वाले परिवेश में रहकर व्यक्ति किसी अन्य के लिए कुछ करना तो दूर स्वाभाविक तौर पर सोचने की स्थिति में भी आमतौर पर नहीं होता है। अमूमन व्यक्ति अपनों से ही नहीं उबर पाता है इसलिए औरों के लिए कुछ नहीं करता है।...
by Mrigendra Raj Pandey
टैक्स संबंधी मामलों के विशेषज्ञ (Tax consultant) के रूप में संपूर्ण कोटा एवं राजस्थान में श्री अनिल काला जी (Mr. Anil Kala) का बहुत अच्छा नाम है, परंतु इसके साथ ही आप सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यों के लिए सदा आगे रहते है। सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में...
by Mrigendra Raj Pandey
प्रभु श्री राम जी की पावन धरा अयोध्या (Ayodhya) धाम में एक से बढ़कर एक त्यागी, तपस्वी, ज्ञानी, संत महात्म्य जनों का अवतरण हुआ है, जिनकी कीर्ति पताका, यशगाथा अनंत काल तक गाती जाती रहेगी। अयोध्या धाम का प्रताप ही है कि इस मिट्टी में अभी भी प्रत्येक क्षेत्र की प्रतिभाओं...